जीत से पहले पूछो—तुम क्या जीत रहे हो?
हिंदी कविताजीत से पहले पूछो—तुम क्या जीत रहे हो? हर जीतसफलता नहीं होती।अगर लक्ष्य ही मूर्खतापूर्ण हो,तो तेज़ी से पहुँचना भीकोई गौरव नहीं। भीड़ को खुश करने के लिएदौड़ना,अंधी चाह के पीछेभागना—यह कर्म नहीं,भटकाव है। पहले जानो—तुम कौन हो,और तुम्हें सच में चाहिए क्या। क्योंकिगलत युद्ध में मिली जीतहार से भी बदतर होती है। यह मत
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