(स्पष्ट को चूक जाना)
हिंदी कविताMissing the Obvious(स्पष्ट को चूक जाना)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) तुमकिसी रहस्य से वंचित नहीं हो—तुमस्पष्ट को हीदेख नहीं रहे। जो ठीकतुम्हारे सामने घट रहा है,वहीनज़र से फिसल जाता है। किसी कोनमस्ते कहना,दफ़्तर तकचलते जाना,किसी कीयूँ ही कही बात—सबतुम्हें बहा ले जाते हैं,बिना प्रतिरोध। घटनाएँतुम्हारी अनुमति के बिनाभीतर घुस आती हैं—और तुमउन्हेंसत्य मान लेते हो।
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