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तोड़े हुए रंग-बिरंगे फूल :नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
हरिपदी छंद में गणेश वंदन
स्वभाव पर कविता
विघटन पर कविता
मूर्ख कहते हैं सभी
अनुभूति भाव पर कविता
भाषा बड़ी है प्यारी -बासुदेव अग्रवाल नमन
अरे लकीर के फकीरों
गुरु अपना बस ऐसा हो
शिक्षक दीपक बन जले-माधुरी डड़सेना
नमन है मेरे गुरुवर -केवरा यदु मीरा
गुरु ईश्वर समतुल्य हैं
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