हिंदी कविता

शिक्षक के महत्व पर कविता

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप […]

शिक्षक के महत्व पर कविता Read More »

गुरु महिमा – बासुदेव अग्रवाल नमन

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

गुरु महिमा – बासुदेव अग्रवाल नमन Read More »

गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं Read More »

गुरु बिन जीवन व्यर्थ है- मदन सिंह शेखावत ढोढसर

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

गुरु बिन जीवन व्यर्थ है- मदन सिंह शेखावत ढोढसर Read More »

गुरु महिमा – मदन सिंह शेखावत

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

गुरु महिमा – मदन सिंह शेखावत Read More »

सरस के दोहे -दिलीप कुमार पाठक सरस

हिंदी कविता

सरस के दोहे 1-जय माता हे शारदे ,मेटो मन का मैल|हस्त रखा जब शीश पर, गया उजाला फैल|| 2-साफ सफाई जो करे, रहता स्वस्थ निरोग|तन मन जिसका स्वस्थ है,उसके सारे भोग|| 3-जय जय हिन्दी घर मिला, प्यार मिला भरपूर|आप सभी इस दास को, करना मत अब दूर|| 4-कूड़ा कूड़ादान में, डाले हर परिवार |दूर रखो

सरस के दोहे -दिलीप कुमार पाठक सरस Read More »

जय गुरुदेव

हिंदी कविता

भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

जय गुरुदेव Read More »

वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होता

हिंदी कविता

वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होताज़ीस्त में मेरी उजाला ही उजाला होता दरकते रिश्तों में थोड़ी सी तो नमी होतीअपनी जुबान को जो हमने सम्हाला होता तुमको भी ख़ौफेे – खुदा यार कहीं तो होताकाश ! रिश्तों को मोहब्बत से संभाला होता दर- ब -दर ढूंढ़ रहा जिसको बशर पत्थर मेंकाश ! दिल

वक़्त पर हमने अगर ख़ुद को संभाला होता Read More »

यह समय है सोच का-मधुसिंघी

समय और जीवन दर्शन

यह समय है सोच का भाग रहा मानव से मानव , डर समाया मौत का।कोरोना वायरस ले आया , एक साया खौफ का।।मनु पड़ गया उलझन में , कैसे बचूँ इस विपदा से।भीड़ में हुआ अकेला , विश्वास नहीं है और का।। प्रकृति पर हो गया हावी , सोचा यह तो मुट्ठी में।चाँद पर घूम

यह समय है सोच का-मधुसिंघी Read More »

निषादराज के दोहे : जय गणेश 

हिंदी कविता

निषादराज के दोहे जय गणेश  जय गणेश जय गजवदन,कृपा सिंधु भगवान।मूसक वाहन  दीजिये, ज्ञान बुद्धि वरदान।।01।। शिव नंदन गौरी तनय, प्रथम पूज्य गणराज।सकल अमंगल को हरो,पूरण हो हर काज।।02।। हाथ जोड़ विनती करूँ, देवों के सरताज।भव बाधा सब दूर हो,ऋद्धि सिद्धि गणराज।।03।। मंगलकारी देव तुम,मंगल करो गणेश।जग वंदन तुम्हरे करें,काटो सबका क्लेश।।04।। गिरिजा पुत्र गणेश

निषादराज के दोहे : जय गणेश  Read More »

वोट -विनोद सिल्ला

हिंदी कविता

वोट- विनोद सिल्ला तेरा वोट उन्हेंबैठा देगासिंहासन परलगा देगाउनकी गाड़ी परलाल बत्तीवो अपनों कोठेके दिलवाएंगेआला अधिकारियों कीकसरत करवाएंगेलूट-लूट के वतन को खाएंगेपूरे पाँच सालबदले मेंतुझे क्या मिलेगाबस एक बोतल शराबजिसका नशामतदान के तुरंत बादउतर जाएगा. -विनोद सिल्ला©

वोट -विनोद सिल्ला Read More »

हरितालिका तीज – राजेश पान्डेय वत्स

नारी जीवन और संवेदना

हरितालिका तीज!(घनाक्षरी) भाद्रपद शुक्ल पक्ष, पावन तृतीया तिथि,पूजन निर्जला ब्रत,रखें नारी देश के! माता रूप मोहनी सी, श्रृँगारित सोहनी सी,उम्र यश लंबी माँगे,अपने प्राणेश के! दृढ़वती धर्मधारी, सुहागिन या कुँवारी,वर लेती यदि मानें, ग्रंथों के आदेश के! मुदित मधुर मन, शिव गौरी आराधना,श्रद्धा लिये वत्स कल, पूजा फिर गणेश के! –राजेश पान्डेय वत्स!0821(हरितालिका तीज २०७७)

हरितालिका तीज – राजेश पान्डेय वत्स Read More »

Scroll to Top