तुम धरा की धुरी -एल आर सेजु थोब ‘प्रिंस’
नारी जीवन और संवेदनातुम धरा की धुरी नारी तुम धरा की धुरीतुम बिन सृष्टि अधूरीमूरत तुम नेह स्नेह, वात्सल्यतुम ममतामयी, तुम करुणानिधि । माँ, बहन, बेटी और पत्नीतुम हर रूप की अवतारीचली हर कदम पुरुष के साथबन जीवन रथ की धुरी । त्याग व प्रेम की सूरत सीतुम मूरत हो प्यारीतुम से शुरू तुम पर ही खत्मतुम हो […]
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