सिर पर है चुनाव
हिंदी कवितासिर पर है चुनाव बीच बवंडर गोते खाती, फंस गई जैसे नाकुछ ऐसा माहौल बना है, सिर पर है चुनावउबड़ खाबड़ गड्ढे वाले, अब दिखते है गांवये अब तो मुद्दा है भैया, सिर पर है चुनावअपनी मांगे हमको तुम , झट से बतलावलगे हाथ झट पूरी होंगी,सिर पर है चुनावबरसों से है गांव अंधेरा, खम्भे […]

