दहेज दानव
हिंदी कवितादहेज दानव ये दहेज दानव हजारों कन्याएं खा गया।ये बदलता माहौल भी रंग दिखा गया।। हर रोज अखबारों में ये समाचार है,ससुराल जाने से कन्या का इंकार है,क्यों नवविवाहितों को स्टोव जला गया।। बिकने को तैयार लड़के हर तरह से,मांगें मोटर कार अड़के हर तरह से,हर नौजवान अपना मोल लिखा गया।। चाहिए माल साथ में


