हिंदी कविता

गुस्से पर कविता

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गुस्से पर कविता कौन है जिसको गुस्सा आता नहीं,कौन है जो गुस्से को दबाता नहीं! जिंदगी में जिसने ना गुस्सा किया,देवता है पर खुद को बताता नहीं! जो स्वयं गुस्सा अपनी दबा लेता है,वो सच में किसी को सताता नहीं! गुस्से से हानि-हानि केवल हानि है,बिन विकारों के ये फिर जाता नहीं! जीवन में हंसना […]

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रामधारी सिंह दिनकर / श्याम कुँवर भारती

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पूर्णिका _ दिनकर जैसा । हिंदी है हिंद का हृदय कोई आज ये सोचता है क्या।हिंदी बांधती है राष्ट्र को एक सूत्र कोई मानता है क्या। कलम में खूब जान डाल दे रचना में सभी रंग भर दे।रामधारी सिंह दिनकर जैसा कोई लिखता है क्या। जो लिख दिया पहचान बन गई देश की शान बन

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हिम्मत पर कविता (सरसी छन्द)

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हिम्मत पर कविता (सरसी छन्द) हिम्मत रखना निशदिन मानव,जाना प्रभुके पास।गर खोयेगा तू हिम्मत को,टूट जायगी आस। धीरज मन में धारण करना,पाना मंजिल खास।निश दिन हमको बढना होगा होना नहीं निराश। कठिन परिश्रम करना सबको,मुश्किल होय हजार।जबतक लक्ष्य न मिलता हमको,जीवन है निस्सार। जिस दिन तुमने हिम्मत खोई,होगा तू लाचार।भटक मरेगा इस जग प्यारे,जीवन है

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श्री विष्णु अवतार विश्व कर्मा पर हिंदी कविता

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श्री विष्णु अवतार विश्व कर्मा सृष्टि रची है जिसने,किया स्वर्ण लंका का निर्माणदेख महल लंका को,रावण को हुआ था अभिमान कर्म कार थे विश्वकर्मासाक्षात बिष्णु का अवतार।छन भर में सृष्टि रचनाकर लेते‌ थे सू सुमार।। सत्रह सितम्बर प्रकट उत्सवविश्व विदित है त्योहार।जन्मदिन है आपकाहस्तकला दीजिए भगवान। कृपा दृष्टि मिले यदि आपकाकर सकूं कुछ काम।जो कुछ

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कुछ दिन जीवन बाकी है – डॉ विजय कुमार कन्नौजे

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कुछ दिन जीवन बाकी है ===============न कर गुरूर इस जगत मेंन ही कोई ठौर ठिकाना है।आया है जो इस जहां पेनिश्चय ही होना रवाना है।। बना हुआ है जो यह भ्रान्तिसारी दुनिया हमारा है।कान खोलकर सुन मुरखसबन का यहां से रवाना है।। न आयेगा कोई पास तुम्हारान कोई तुझे बचायेगा।जब तक रहेगा इस दुनिया मेंहर

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सितारे पर कविता – माधुरी मोहिनी

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सितारे पर कविता –  माधुरी मोहिनी परियाँ नभ लोक धरा उतरी यह देख अचंभित है जन सारे। मुख ओज भरे चमके छड़ियाँ पर शोभित है मणि राज सितारे।। कहती सब पूरन कार्य पड़ा सुरधाम चलो शिव है बलिहारे। यह संगम का युग शेष अभी पुरुषार्थ करो चलना प्रभु द्वारे।। इस जीवन के अब हो तुम

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बड़ी दौलत सेहत पर कविता

समाज और यथार्थ

सेहत सबसे बड़ी दौलत है ज़िंदगी को जियो, बड़े इत्मीनान से,कटेगी ज़िंदगी, बड़े शान से!हर पल,हर घड़ी, बिना किसी तनाव से,खुशी में, करो काम, बड़े चाव से!अकेलापन महसूस होता है जब,करना चाहिए कोई काम तब,व्यस्तता रहेगी तो, समय का क्या?पता नहीं चलेगा, वक्त गुजरा कब!धन दौलत का नशा, कभी उतरता नहीं,आदमी को चाहिए, जब तक

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हरीश व्यास जी का कवितायेँ

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हरीश व्यास जी का कवितायेँ कब चमकेगी किरन ? बोझिल सा जीवन-तनहा सा यौवन,ना जानें कौन घड़ी-होगा मिलन, ये बिजली की कड़-कड़-हंसाती कभी है,ये सावन की बूंदे-रुलाती कभी है,तीरगी भरे जीवन का-ना कोई मस्कन. शबेग़म लिए संग-भटकूँ मैं रहगुज़र,वस्ल का आए प्रसंग-उस क्षण से हूं बेखबर,जिनके जिगर फ़िगारो हैं,उन्हें छेड़े पवन. वीरांकदे में ग़मज़दा हूं,आए

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राखी चंदा पहुँच गई है…

हिंदी कविता

रक्षा बन्धन एक महत्वपूर्ण पर्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं। यह ‘रक्षासूत्र’ मात्र धागे का एक टुकड़ा नहीं होता है, बल्कि इसकी महिमा अपरम्पार होती है। कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने सांसारिक संकटों से मुक्ति के लिये भगवान कृष्ण से उपाय पूछा तो कृष्ण

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आकर्षण या प्रेम पर कविता

प्रकृति और पर्यावरण

आकर्षण या प्रेम मीरा होना आसान नहीं,ज़हर भी पीना पड़ता है।त्याग, प्रेम की परिभाषा,जीवंत निभाना पड़ता है।। हीर रांझा, लैला मंजनू,अब नहीं कहीं मिलते हैं।दिल में दिमाग उगे सबके,प्रेम का व्यापार करते हैं।। सुंदर प्रकृति, सुंदर लोग,दिल लुभावने लगते हैं।पर आकर्षण के वशीभूत,प्रेम कलंकित भी करते हैं।। नहीं होता वो प्रेम कतई,जो सुंदरता से उपजा

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मिसाइल मैन डाॅ अब्दुल कलाम

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भारत के महान वैज्ञानिकों का योगदान मिसाइल मैन डाॅ अब्दुल कलाम मिसाइल बनाने में वैज्ञानिकों ने दिया योगदान।सुरक्षित हिंद देश को मिसाइल दिया विभिन्न।। मिसाइल मैन कहलाये डाॅ अब्दुल कलाम।इस महान वैज्ञानिक को प्रिय का सलाम।। माँ भारती के पूत देते आ रहे है योगदान।सुंदर भारत देश को जनक किया प्रदान।। गरीब परिवार में जन्म

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सुभाषचंद्र बोस पर हिन्दी कविता

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सुभाषचंद्र बोस भारत माँ के दुलरवा के जी….बस अतकेच्च कहानी हे |हिन्द के मान रखेबर ओखर,माटी मिले जुवानी हे || दिलीप टिकरिहा “छत्तीसगढ़िया”पिरदा (भिंभौरी) बेरला-बेमेतरा9753304788,6263337664

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