हिंदी कविता

हिन्दी पर कविता – बाबूलाल शर्मा

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी […]

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मातृ भाषा पर कविता – विनोद कुमार चौहान

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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हिंदी हमारी भाषा – सुशी सक्सेना

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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हिंदी पर कविता – मदन सिंह शेखावत

हिंदी कविता

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। 14 सितम्बर, 1949 के दिन संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाषा प्रावधानों को अंगीकार कर हिन्दी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी। संविधान के सत्रहवें भाग के पहले अध्ययन के अनुच्छेद 343 के अन्तर्गत राजभाषा के सम्बन्ध में तीन मुख्य बातें थी- संघ की राजभाषा हिन्दी

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गणेश वंदना -दूजराम साहू

हिंदी कविता

गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक

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गणेश चतुर्थी पर कविता

हिंदी कविता

गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक

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रमजान प्रेम-मुहब्बत का महीना

हिंदी कविता

मुस्लिम भाइयों का रमजान पवित्र मास है। इन दिनों वे एक महीने का रोजा अर्थात् उपवास रखते हैं। फरिश्ता जिब्रील के द्वारा भगवान ने जो संदेश तेईस वर्षों में पैगम्बर मोहम्मद साहब के पास भेजा था, वही पैगाम उन्होंने जगत् को दिया। हजरत जिब्रील जिस संदेश को लाए थे उसका नाम कुरान शरीफ है। रमजान

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जवाहरलाल नेहरू

बाल-दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, समाज और यथार्थ,

बाल-दिवस पर कविता आ गया बच्चों का त्योहार/ विनोदचंद्र पांडेय ‘विनोद’ सभी में छाई नयी उमंग, खुशी की उठने लगी तरंग, हो रहे हम आनन्द-विभोर, समाया मन में हर्ष अपार ! आ गया बच्चों का त्योहार ! करें चाचा नेहरू की याद, जिन्होंने किया देश आजाद, बढ़ाया हम सबका, सम्मान, शांति की देकर नयी पुकार

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cycle

चालान- धनेश्वर पटेल

हिंदी कविता

चालान एक दिन निकले हम सैर परतो हेलमेट लगाना भूल गएहुआ हादसा कुछ ऐसा किफटफटिया चलाना भूल गए!स्पीड बढ़ी कांटा लटका दूसरी छोरहम समझ थे अपने बाप की रोड़बुलेट घुमाई और मुड़े घर की ओरट्रैफिक पुलिस खड़ी थी दूसरी ओरउनकी नजरों ने हमें देखाइन सहमी नजरों ने उन्हें देखादेख भागते जोर की सीटी बजाईपकड़े तो

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मुस्कुराकर चल मुसाफिर / गोपालदास “नीरज”

हिंदी कविता

मुस्कुराकर चल मुसाफिर / गोपालदास “नीरज” पंथ पर चलना तुझे तो मुस्कुराकर चल मुसाफिर! वह मुसाफिर क्या जिसे कुछ शूल ही पथ के थका दें?हौसला वह क्या जिसे कुछ मुश्किलें पीछे हटा दें?वह प्रगति भी क्या जिसे कुछ रंगिनी कलियाँ तितलियाँ,मुस्कुराकर गुनगुनाकर ध्येय-पथ, मंजिल भुला दें?जिन्दगी की राह पर केवल वही पंथी सफल है,आँधियों में,

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खुदा ने अता की जिन्दगी -अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

हिंदी कविता

खुदा ने अता की जिन्दगी खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेमुहब्बत के लिए क्यूं कर बैठा तू दूसरों से नफरतअपने अहम् के लिए खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेएक अदद इंसानियत के लिए ऊंच – नीच के बवंडर में उलझ गया तूताउम्र भर के लिए खुदा ने अता की जिन्दगीआशिक़ी के लिए तू मुहब्बत का

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पहला सुख निरोगी काया

नारी जीवन और संवेदना

पहला सुख निरोगी काया पहला सुख निरोगी काया,दूजा सुख घर में हो माया। तीजा सुख कुलवंती नारी,चौथा सुख पुत्र हो आज्ञाकारी। पंचम सुख स्वदेश में वासा,छठवा सुख राज हो पासा। सातवा सुख संतोषी जीवन ,ऐसा हो तो धन्य हो जीवन।

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