कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

जीवन मूल्य पर आधारित कविता-राजकिशोर धिरही

नारी जीवन और संवेदना

जीवन मूल्य पर आधारित कविता कोई भी विपदा आ जाए,कभी नहीं घबराना।बाधाओं से लड़कर के ही,हमको बढ़ते जाना।। सत्य मार्ग में चलकर के हम,लक्ष्य सदा पा सकते ।कठिन डगर भी हो फिर भी हम,मंजिल तक जा सकते।। अधिकार मिले जो भी हमको,उसको पढ़ना होगा।वंचित करना चाहे हमको,आगे बढ़ना होगा।। भाईचारे की चाहत रख,प्रेम शांति से […]

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सेवा -प्रेम आधारित कविता-डॉ शशिकला अवस्थी

प्रकृति और पर्यावरण

सेवा -प्रेम आधारित कविता सेवा ,प्रेम पुण्योदय से हो जाओ मालामाल।प्रभु खुशियों से झोली भर कर, हे मानव तुम्हें कर देंगे खुशहाल। जनहित के कार्य करो, कोई ना रहे बेहाल।परमार्थ में जीवन बीते,सबके जीवन में,उड़ाओ खुशी गुलाल।मन, कर्म ,वचन से सबके कष्ट हरो, तुम हो भारत माता के लाल।प्रकृति पर्यावरण के संरक्षक बनो ,भारत मातृभूमि

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बाबूलाल शर्मा के लावणी छंद

समाज और यथार्थ

बाबूलाल शर्मा के लावणी छंद काव्य रंगोली- लावणी छंद पूजा की थाली सजती हैअक्षत पुष्प रखें रोली।काव्यजगत में ध्रुव सी चमके,कवि प्रिया,काव्य रंगोली। हिन्दी साहित सृजन साधना,साध करे भाषा बोली।कविता गीत गजल चौपाई,लिखे कवि काव्य रंगोली। दोहा छंदबद्ध कविताई,मुक्तछंद,प्रीत ठिठोली।प्रेम रीति शृंगार सलौने,पढ़ि देख काव्य रंगोली। लिखे सभी पर्व की बातें,ईद दीवाली व होली।गंगा जमनी

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बाबूलाल बौहरा के कुण्डलियाँ छंद

समाज और यथार्थ

बाबूलाल बौहरा के कुण्डलियाँ छंद संवेदना -कुण्डलिया छंद होती है संवेदना, कवि  पशु  पंछी  वृक्ष।मानव मानस हो रहे, स्वार्थ पक्ष विपक्ष।स्वार्थ पक्ष विपक्ष, शून्य  संवेदन  बनते।जाति धर्म के वाद,बंधु आपस में तनते।भूल रहे संस्कार,खो रहे संस्कृति मोती।हो खुशहाल समाज,जब संवेदना होती। बढ़ती  है  संवेदना, राज  धर्म संग  साथ।व्यक्ति वर्ग समाज भी,रखें मनुजता माथ।रखें मनुजता माथ,

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बाबूलाल शर्मा बौहरा के नवगीत

हिंदी कविता

बाबूलाल शर्मा बौहरा के नवगीत कहानी मोड़ मन मानस कहानी मोड़ मन मानसउदासी छोड़नी होगी।पिपासा पीर विश्वासीनिराशा भूल मन योगी।। गरीबी की नहीं गिनतीदुखों का जब पहाड़ा होनही बेघर नदी समझोकिनारा तल अखाड़ा ।वृथा भटको नहीं बादलविरह पथ दर्द संयोगी।,। उजाले भूल मन चातकअँधेरे सिंधु से ले लोबहे सावन दृगों से हीअकालों का यजन झेलोबहे

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अविनाश तिवारी की रचना

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

अविनाश तिवारी की रचना मां मंदिर की आरती मां मंदिर की आरती,मस्जिद की अजान है।मां वेदों की मूल ऋचाएं, बाइबिल और कुरान है। मां है मरियम मेरी जैसी,मां में दिखे खुदाई है।मां में नूर ईश्वर कारब ही मां में समाई है।मां आंगन की तुलसी जैसीसुन्दर इक पुरवाई है।मां त्याग की मूरत जैसीमां ही पन्ना धाई

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महान क्रिकेटर कपिल देव पर कविता

हिंदी कविता

महान क्रिकेटर कपिल देव पर कविता क्रिकेट के असली हीरो”कपिल देव” क्रिकेट के इतिहास में ,जिसने किया कुछ ऐसा काम।विश्वकप हासिल करके,रौशन किया देश का नाम। क्रिकेट का जुनून नहीं उस वक्त,आपने क्रिकेट के खेल को सजाया।विश्वकप का खिताब जमाकर,आपने देश का मान बढ़ाया। हर भारतीय को गर्व है आप पर,भारत माँ के लाल,विश्व क्रिकेट

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शीत ऋतु (ठण्ड) पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ पर शीत ऋतु (ठण्ड) पर कविता दिए गये हैं आपको कौन सी अच्छी लगी , नीचे कमेंट बॉक्स पर जरुर लिखें शीत ऋतु का आगमन घिरा कोहरा घनघोरगिरी शबनमी ओस की बूंदेबदन में होने लगीअविरत ठिठुरन ओझल हुई आंखों सेलालिमा सूर्य कीदुपहरी तक भी दुर्लभहो रही प्रथम किरण इठलाती बलखातीबर्फ के फाहे बरसातीशीत ऋतु

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

मशहूर अभिनेता इरफान खान पर दोहे- राजकिशोर धिरही

हिंदी कविता

राजकिशोर धिरही द्वारा रचित मशहूर अभिनेता इरफान खान पर दोहे दोहा-इरफान फिल्मी नायक एक थे,बॉलीवुड की शान।काम किए मकबूल में,अभिनेता इरफान।। फिल्मी मेकर भी रहे,ऐसे थे फनकार।याद करें इरफान को,प्रेमी हैं भरमार।। पान सिंह तोमर सभी,करते रहते याद।अभिनय था इरफान का,देते जिस पर दाद।। कैंसर आया मौत बन,कैसे कब चुपचाप।छीन लिया इरफान को,आँसू में हम

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एक पंथ के दो पथिक

हिंदी कविता

एक पंथ के दो पथिक एक पंथ के दो पथिक सदा, आपस में टकरायेंगे |टेड़ी – मेड़ी राहें जुड़कर , उनको सदा मिलायेंगे | तन – मन पर जो ओढ़ रखा वह, चादर कितना मोटा है |अखिल विश्व ये आज सिमटकर, लगता कितना छोटा है ||उम्र काट देते हैं सारी, तू – तू मैं –

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सावित्रीबाई फुले जयंती पर विशेष कविता – नारी शिक्षा की ज्योति

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता,

प्रतिवर्ष 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले का जयंती मनाया जाता हैं . यहाँ सावित्रीबाई फुले पर कविता दी जा रही हैं, आपको कैसी लगी सन्देश लिखकर भेजें . 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें समर्पित कविता। नारी शिक्षा की पथप्रदर्शक और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के प्रेरणादायक जीवन पर आधारित विशेष काव्य।

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village based Poem

चित्र आधारित कविता: गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

चित्र आधारित कविता : गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता , संपादक – आदरणीया कवयित्री रीता प्रधान जी , रायगढ़ , छत्तीसगढ़ गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता मन चल उस गाँव में – प्रियदर्शनी आचार्य रवि रश्मियों का बाजिरथ, जहाँ उतरता गाँव मेंदूर क्षितिज के पार, प्रकृति की छाँव में ।मन चल उस गाँव

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