कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

पेड़ लगाओ पर कविता (poem on plant trees)

हिंदी कविता

वृक्ष लगाने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वे कार्बन डाइऑक्साइड और श्वास ऑक्सीजन का आदान-प्रदान करते हैं। पर्यावरण में ऑक्सीजन की जरूरत सभी को होती है। पेड़ों न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है।पेड़ के […]

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save tree save earth

पर्यावरण बचाएंगे- अनामिका श्रीवास्तव

हिंदी कविता

पर्यावरण बचाएंगे- अनामिका श्रीवास्तव पानी हवा पेड़ और मिट्टी ।इनसे ही मां धरती सजती ।यह सब है धरती के अंग । मानव जीवन इनके संग ।। अज्ञान मनुष्य अनजान हैबस लेता पेड़ों की जान है।पर वह नहीं समझता है पेड़ों से ही उनके प्राण हैं ।। यदि नहीं कर सकते कोई कामतो लगाओ पौधे धरती

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NATURE

पर्यावरण पर दोहे

हिंदी कविता

पर्यावरण पर दोहे -शंकर आँजणा छह ऋतु, बारह मास हैं, ग्रीष्म-शरद-बरसातस्वच्छ रहे पर्यावरण, सुबह-शाम, दिन-रात // १ // कूके कोकिल बाग में, नाचे सम्मुख मोरमनोहरी पर्यावरण, आज बना चितचोर // २ // खूब संपदा कुदरती, आँखों से तू तोलकह रही श्रृष्टि चीखकर, वसुंधरा अनमोल // ३ // मन प्रसन्नचित हो गया, देख हरा उद्यानफूल खिले

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कोरोना के कहर से कोई न अछूता है

हिंदी कविता

कोरोना के कहर से कोई न अछूता है कोरोना के कहर से कोई न अछूता है ,किसी का ऑक्सीजन बिना दम घूंटा ,तो कोइ घूंट घूंट कर जीता है । इस बीमारी ने न जाति देखा न धर्म न समुदाय ,बड़े बड़े साधु संत , मौलवी , फादर भी कहाँ बच पाए…। किसी का अपनों

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जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक

हास्य और व्यंग्य, हिंदी कविता

जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक जीवन और संगीत है एक दूसरे के पूरक।संगीत है हर समय और स्थिति की जरूरत। लोरी है जीवन का पहला संगीत। प्रकृति की हर वस्तु में जीवन का उदगीत। ईश्वर की भक्ति में संगीत। माता की शक्ति में संगीत। मंदिर के शंखनाद में संगीत। मस्जिद की अजान

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मौसम कुछ उदास है- रीता प्रधान

प्रकृति और पर्यावरण

मौसम कुछ उदास है- रीता प्रधान दिलों में जाने क्यों,बाकी न कोई एहसास है।एक भाई को ही दूजे भाई की,जाने क्यों खून की प्यास है।प्रकृति तो उदास बैठी ही थी,अब दिलों का भी मौसम कुछ उदास है। जवानी आते जाने कहां ,चला जाता है बचपन का प्यार।घरवाले ही घरवालों पर,जाने क्यों करते हैं अत्याचार।देख दशा

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संगीत जीवन का अंग है

हिंदी कविता

संगीत जीवन का अंग है संगीत जीवन का अंग है,जो रहता जीवन संग है। संगीत उदासी की सहेली है,जीवन की दुल्हन नई नवेली है। यह साधना का स्वर है,गुनगुनाता जग भँवर है। संगीत जीवन जीने की युक्ति है,शारीरिक मानसिक ब्याधियों से मुक्ति है। गायन वादन नृत्य ये संगीत हैं,संतुलित जीवन के ये मीत हैं। जिसके

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फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां

मन और भावनाएँ

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां पिछले कुछ दिनों सेमैंने नहीं देखा है रोशनी वाला सूरजताज़गी वाली हवाखुला आसमानखिले हुए फूलहँसते-खिलखिलाते लोग एक-एक दिनदेह में होने का ख़ैर मनाती आ रही हैदेह के किसी कोने मेंडरी-सहमी एक आत्मा किसी भी तरह जीवन बचाने की जद्दोजेहद मेंउत्थान और विकास जैसेजीवन के सारे जद्दोजहदभूलने लगे हैं लोग

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8 जून विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर कविता

हिंदी कविता

8 जून विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर कविता लगातार सिरदर्द रहे या, कभी अचानक चक्कर आएबढ़े चिड़चिड़ापन तो सम्भव, प्रकट ब्रेन ट्यूमर हो जाए। यह दिमाग के किसी भाग में, धीमे या तेजी से छाताहो सी.टी. स्कैन नहीं तो एम. आर. आई. भेद बताताकिसी विषय पर बात करें तो,हो विचार में आनाकानीसुनने में भी दिक्कत

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गर निराशा आशा पर भारी पड़ने लगे – अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

हिंदी कविता

इस रचना में दो मुक्तक शामिल किये गए हैं जो सत्य और असत्य के बीच के अंतर को समझाते हैं | मुक्तक – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

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अपना जीवन पराया जीवन – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

प्रकृति और पर्यावरण

इस रचना में कवि ने जीवन के विभिन्न आयामों की चर्चा की है |इस रचना का विषय है “अपना जीवन पराया जीवन” – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

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निज जीवन अपनापन पा लूँ – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम “

हिंदी कविता

इस कविता में स्वयं के जीवन को दिशा देने का प्रयास किया गया है | इस कविता का विषय है “निज जीवन अपनापन पा लूँ”
निज जीवन अपनापन पा लूँ – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता ” अंजुम “

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