कोई आता जाता नहीं – रामनाथ साहू ननकी
Uncategorizedकोई आता जाता नहीं – रामनाथ साहू ननकी रिक्त हुआ मन का मदिरालय ,कोई आता जाता नहीं ।सभी शराबी बने पुजारी ,प्याला दिल बहलाता नहीं ।। आज मौन मन होकर बैठा ,उसी नदी के किनारे पर ।जिसे देख होती थी बातें ,इतराते थे सहारे पर ।।शब्द भाव सब हैं मुरझाए ,क्यों कोई सहलाता नहीं ।रिक्त […]
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