कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

नीम-हकीम खतरा-ए-जान

हिंदी कविता

नीम-हकीम खतरा-ए-जान आए बिल्ली जबबंद कर लेते हैं आँखेंसभी कबूतरताकि टल जाए संकटआँखें बंद नहींलाइट बंद करने केआदेश हैं साहब केलेकिन साहबहम कबूतर नहींऔर वो भी बिल्ली नहीं नीम-हकीम खतरा-ए-जानपुख्ता इंतजाम कीजिएइसे गंभीरता से लीजिएटौने-टोटके हमबाद में कर लेंगेफिलहाल तोकोई रणनीति बनाइएसंकट से उबरने की –विनोद सिल्ला©

नीम-हकीम खतरा-ए-जान Read More »

मन का तामस पर कविता

हिंदी कविता

मन का तामस पर कविता हो तमस का घोर अंधेरा,तो तुम यूँ घबराना ना।गर पग डगमगाए तुम्हारे,तो मिलकर साथ निभाना।हाथ उठाकर प्रण करो तुम,मिलकर बोझ उठाना ना।गर अंतरतम में छाए अंधेरा,विश्वास का दीप जलाना ना।गर गली का दीप बुझा हो,अपने घर का दीप बुझाना ना।गर चुनौती कठिन लगे तो,विपदा को पीठ दिखाना ना।चित चंचल चितवन

मन का तामस पर कविता Read More »

कोरोना में दीप जलाये फिर से यार

Uncategorized

कोरोना में दीप जलाये फिर से यार चलो दीप जलाए फिर से यारकी जगमग दीप जलेकोरोना दूर भगाओ घर से यारकी जगमग द्वार करें…… 5 अप्रैल दिन रविवाररात 9 बजे सब दीप जलाए9 मिनट बीजली बुझाओ मेरे यारकि जगमग दीप जले …… कोरोना योद्धाओं की मनोबल बढ़ाओकोरोना रुपी तम को दूर भगाओसोशल डिस्टेंस का रखो

कोरोना में दीप जलाये फिर से यार Read More »

वर्दी के सम्मान पर कविता

मन और भावनाएँ

वर्दी के सम्मान पर कविता १बलिदानी पोशाक है, सैन्य पुलिस परिधान।खाकी वर्दी मातृ भू, नमन शहादत मान।।२खाकी वर्दी गर्व से, रखना स्व अभिमान।रक्षण गुरुतर भार है, तुमसे देश महान।।३सत्ता शासन स्थिर नहीं, स्थिर सैनिक शान।देश विकासी स्तंभ है, सेना पुलिस समान।।४देश धरा अरु धर्म हित, मरते वीर सपूत।मातृभूमि मर्याद पर , आजादी के दूत।।५आदि काल

वर्दी के सम्मान पर कविता Read More »

लोग क्या कहेंगे पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

लोग क्या कहेंगे पर कविता वो नहीं समझ सकतेआजादी का महत्वजो आजाद हैं आजादी का महत्वजानता है बंधुआ मजदूरजिसे जबरनरखा जाता है काम पर या पूछिए अछूतों सेजिन्हें नहीं मिलीआज तलक आजादीजिन्हें धर्मग्रंथआज भी करते हैं प्रताड़ित या फिरबता सकती हैं महिलाएंलगाए गये हैं जिन परकितने अंकुशकहा जाता है बात-बात परलोग क्या कहेंगे? -विनोद सिल्ला©

लोग क्या कहेंगे पर कविता Read More »

कोंपल पर कविता

Uncategorized

कोंपल पर कविता फागुन राह निहारे कब सेआओ भँवरे अमराईपछुआ पवन ताप ले आओहृदय शीत हर पुरवाई कोयल की मृदु तान सुनी तोवसन वृक्ष भी त्याग रहेवन्य जीव मन मीत मनानेआगे पीछे भाग रहे विरहा देख रही आँगन मेंबया युगल की चतुराई।फागुन………………।। बहक रहा यौवन प्राकृत काखड़ी लिए माला चंदनपतझड़ से अंतस कानन मेंमधुमासी सा

कोंपल पर कविता Read More »

माँ सिद्धिदात्री पर कविता

हिंदी कविता

माँ सिद्धिदात्री पर कविता माता दुःखनिवारिणी ,सभी सुखों की धाम।सिद्धिदात्री रूप नवम,छविअम्बाअभिराम।।छवि अम्बा अभिराम, करो मात आराधना।करती भव से पार ,शक्ति की करो साधना।।कहता कवि करजोरि, छूटता दुख से नाता।करता है जो भक्ति , मुक्ति देती है माता।।????करता है जो मात की, जप तप पूजा ध्यान।करती देवी भक्त के , कष्टों का अवसान।।कष्टों का अवसान

माँ सिद्धिदात्री पर कविता Read More »

लड़कीयों की दशा पर कविता

हिंदी कविता

लड़कीयों की दशा पर कविता एक लड़की कोदेखा हूँतीन वर्ष की थी वहमाँ की स्तन की दूधकुछ दिन पहले ही छोड़ी थीनाक बह रही थी उसकीचौबीसों घंटे कीदिन मेंवह बहुत सारीरूप धारण करती थीवह खाना पकाईटूटे माटी की हांड़ी मेंपत्थर की चूल्हे परलकड़ी की जलावन सेसब्जी भाजी बनाईलहसुन की छौंक भी लगाईबहुत स्वादिष्टमुँह में पानी

लड़कीयों की दशा पर कविता Read More »

नारी चेतना पर कविता

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

नारी चेतना पर कविता ऐ! नारीतू करती है अराधनाउन अराध्यों कीजो हैं तेरे दोषीकिया शोषण सदैवजिन्होंने तेरा समझा तुझेश्रंगार-रस कीविषय-वस्तुनहीं दिया हकसमानता काकिया सदैव भेदभाव गवाह हैं इस सबकेअनेक धर्म-ग्रंथजो चीख-चीख करकरते हैं ब्यानतेरे शोषण की कहानी -विनोद सिल्ला©

नारी चेतना पर कविता Read More »

मीन सिंधु में दहक रही

Uncategorized

मीन सिंधु में दहक रही बड़वानल की लपटों में घिरमीन सिंधु में दहक रही।आग हृदय की कौन बुझाएनदियाँ झीलें धधक रही।। मौन हुई बागों में बुल बुलधुँआ घुली है पुरवाईसन्नाटों के ढोल बजे हैंशोक मनाए शहनाई अमराई में बौर झरे सबबया रुदन मय चहक रही।बड़वानल……………….।। सृष्टा का वरदान बताकरशोषण किया धरोहर काभँवरे ने भी खून

मीन सिंधु में दहक रही Read More »

जल संरक्षण पर कविता

हिंदी कविता

जल संरक्षण पर कविता आओ जल की तलाश करें,जीवों के लिए खास करें ।इसकी महत्ता को पहचानें,जल बचाने की बात करें । आओ नल टोटी को बंद करें,जरूरत तक ही उपयोग करें।जल संरक्षण के बारे में,मिलकर यह संवाद करें। आओ मानव कर्म करें,फल की चिंता न करें ।अपना कर्तव्य चलो निभाएं,जल संरक्षण पर अभियान चलाएं।~~~~~~~~~~~~~~~~~रचनाकार

जल संरक्षण पर कविता Read More »

कोरोना की मार पर कविता

हिंदी कविता

कोरोना की मार पर कविता गाँव गली सुनसान पड़े हैं।शहर भी तो वीरान पड़े हैं।कोरोना का कहर,आदमी को नाच नचा रहा।हाहाकार मची है दुनिया में,इटली,फ्रांस,ईरान बता रहा।हमारी स्थिति भी कहीं कभी,इटली ईरान सी न हो जाये।पूरी दुनिया हाँ पूरी दुनिया को,ये एकमात्र डर सता रहा।उनकी तुलना में हम भारतकहीं नहीं टिकते हैं।तो अपने लिए हाँ

कोरोना की मार पर कविता Read More »

Scroll to Top