सभी से कहते वीरा/अलका जैन आनंदी
हिंदी कविताशाकाहार वीरा कहते है सदा,चले अहिंसा राह।राग-द्बेष को छोड़ दो,सज्जन की यह चाह।।सज्जन की यह चाह, सत्य की राह बताते।अज्ञानी कर पाप, पाप फिर उन्हें सताते।।अलका शाकाहार,छोंक सब्जी में जीरा।मानवता है धर्म,सभी से कहते वीरा।। हिंसा करना मत कभी,कहते वीर महान।दया-धर्म की राह पे,चलते संत सुजान।चलते संत सुजान, बात ये सब अपनाओ। एक बड़ा उपहार,
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