शबनम पर कविता
शबनम की चमक
हमारे तुम्हारे
मधुर रिश्तों की गंध
लिए होती है
मानो तो
ये सच है
गर न मानों तो
ये ही शबनम
पानी का कतरा
मात्र होती है।।।
शबनम की चमक
हमारे तुम्हारे
मधुर रिश्तों की गंध
लिए होती है
मानो तो
ये सच है
गर न मानों तो
ये ही शबनम
पानी का कतरा
मात्र होती है।।।