31 अक्बटूर राष्ट्रीय एकता दिवस पर कविता

yogasan

31 अक्टूबर राष्ट्रीय एकता दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता,

राष्ट्रीय एकता दिवस को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जिनकी भारत के राजनीतिक एकीकरण में प्रमुख भूमिका थी।  हम सब भारतवासी हैं o निरंकारदेव ‘सेवक’ हम पंजाबी, हम गुजराती, बंगाली, मदरासी हैं, लेकिन हम इन सबसे पहले केवल भारतवासी हैं। हम सब भारतवासी है ! हमें […]

31 अक्टूबर राष्ट्रीय एकता दिवस पर कविता Read More »

हम भारत के वासी

हिंदी कविता

हम भारत के वासी जन्म लिए जिस पुण्य धरा पर,इस जग में जो न्यारा है।हम भारत के वासी हम तो,कण -कण इसका प्यारा है। देश वासियों चलो देश का,हमको मान बढ़ाना हैं।दया-धरम सदभाव प्रेम से,सबको गले लगाना हैं।द्वेष-कपट को त्याग हृदय से,सुरभित सुख के हेम रहे।हिन्दू मुस्लिम,सिख-ईसाई,सब में अनुपम प्रेम रहे।मुनियों के पावन विधान ने,जग

हम भारत के वासी Read More »

वतन है जान से प्यारा -बाबू लाल शर्मा,बौहरा, विज्ञ

हिंदी कविता

वतन है जान से प्यारा -बाबूलाल शर्मा बौहरा विज्ञ सितारे साथ होते तो,बताओ क्या फिजां होती।सभी विपरीत ग्रह बैठे,मगर मय शान जिन्दा हूँ। गिराया आसमां से हूँ,जमीं ने बोझ झेला है।मिली है जो रियायत भी,नहीं,खुद से सुनिन्दा हूँ। न भाई बंधु मिलते है,सगे सम्बन्ध मेरे तो,न पुख्ता नीड़ बन पाया,वही बेघर परिन्दा हूँ। किया जाने

वतन है जान से प्यारा -बाबू लाल शर्मा,बौहरा, विज्ञ Read More »

Scroll to Top