हे गणनायक – विनोद कुमार चौहान

हे गणनायक (सार छंद)##############हे गणनायक हे लम्बोदर, गजमुख गौरी नंदन।लोपोन्मुख थाली से होते, अक्षत-रोली-चंदन।।हे शशिवर्णम शुभगुणकानन, छाई है लाचारी।बढ़ती मँहगाई से अब तो, हारी जनता सारी।।हे यज्ञकाय हे योगाधिप, भोग…

0 Comments

गौरी पुत्र गणेश – सुकमोती चौहान

गौरी पुत्र गणेशआओ हे गौरी पुत्र गणेश!हरने हम सब के क्लेश।अग्र पूजन के अधिकारी,ज्ञान विद्या के भंडारी,मंगल मूर्ति अतुल बलधारी,पधारो हे गजानन!भरने जीवन में आनंद।आओ हे गौरी पुत्र गणेश!हरने हम…

0 Comments
ganesh chaturthi
गणेश चतुर्थी विशेषांक

मंगल मूर्ति गजानना गणेश पर दोहे

मंगल मूर्ति गजानना मंगल रूप गजानना ,श्रीगणपति भगवान।सेवा सिध्द सुमंगलम ,देहु दया गुणगान।।मानव धर्म सुकर्म रत ,चलूँ भोर की ओर।गिरिजा पुत्र गरिमामय,करहु कृपाकी कोर।। अमंगलकर हरण सदा,मंगल करते बरसात।वरदहस्त सु-वरदायक,सरपर…

0 Comments
भाद्रपद शुक्ल श्रीगणेश चतुर्थी Bhadrapad Shukla Shriganesh Chaturthi
भाद्रपद शुक्ल श्रीगणेश चतुर्थी Bhadrapad Shukla Shriganesh Chaturthi

गणेश- मनहरण घनाक्षरी

गणेश- मनहरण घनाक्षरी ब्रह्म सृष्टिकार दैव,भूमि रचि हेतु जैव,मातृभूमि भार पूर्ण,धारे नाग शेष है। शीश काटे पुत्र का वे,क्रोध मिटे हुआ ज्ञान,हस्ति शीश रोपे शिव,दैवीय निवेश हैं। पार्वती सनेह जान,दिए…

0 Comments