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5 जून विश्व पर्यावरण दिवस

बाल कविता- धरती करे गुहार (आचार्य गोपाल जी)

आज हमारी पर्यावरण संकट में है यदि वृक्षारोपण करके इसका संरक्षण ना किया जाये तो हम सबका भविष्य खतरे में है । इस पर आधारित बाल कविता से यह सीख लीजिये

पर्यावरण दिवस पर बलबीर सिंह वर्मा ‘वागीश’ की…

चौपाई छंदबच्चे - बूढ़े सुन लो भाई,पेड़ों की मत करो कटाई।वृक्षों से मिलती है छाया,गर्मी में हो शीतल काया।सबने इनकी महिमा गाई,मिलते हैं

स्वरचित कविता : प्यासा पंछी

प्यासा पंछी मन है उदास भटकता फिरे । जैसे प्यासा पंछी उड़ता फिरे । मन को ना कोई बांध सके। तो खुले आकाश की खोज करे । मन की उड़ान खुशियों की…

पेरा ल काबर लेसत हो

पेरा ल काबर लेसत हो तरसेल होथे पाती - पाती बर, येला काबरा नइ सोचत हो! ये गाय गरुवा के चारा हरे जी , पेरा ल काबरा लेसत हो !! मनखे खाये के किसम-किसम…

पर्यावरण संकट-माधवी गणवीर(Paryaavaran sankat)

पर्यावरण संकट जीवन है अनमोल, सुरक्षित कहां फिर उसका जीवन है,प्रक्रति के दुश्मन तो स्वयं मानव है,हर तरफ प्रदूषण से घिरी हमारी जान हैं,फिर भी हर…

पालीथिन खतरे-बाबू लाल शर्मा “बौहरा” ( Babulal…

.          *पालीथिन खतरे*1.सरकारी   चेतावनी, सुनलो  देकर   ध्यान।पाँलीथिन  तौबा  करो, धरा  बचा  इंसान।।2..बोरे   से   कट्टे   भये , थैले   चिल्ली…

दुनिया से प्लास्टिक मिटा देंगे हम(Duniya se plastic mita denge…

दुनिया से प्लास्टिक मिटा देंगे हम.हम तुम सनम चलो खाले कसम |दुनिया से प्लास्टिक मिटा देंगे हम |ये गलता नही मिट्टी मे मिलता नही |खाती गाये पेट उनके पचता…