~सायली

manibhainavratna

सायली -मनीभाई’नवरत्न’

सायली -मनीभाई’नवरत्न’ चलचित्रसारा आकाशविविध रूप लियेमैं निहारताअपलक।•••••••••••••••••••••••समयबेलगाम साबीत रहा बेपरवाहछोटी होतीजिंदगी।•••••••••••••••••••••••मजदूरजग निर्माताकलयुग का विश्वकर्माकैसा देवता?अभागा।•••••••••••••••••••••••मानवप्रकृति रक्षकभक्षक बन रहालालची बनविडंबना।•••••••••••••••••••••••✒️ मनीभाई’नवरत्न’•••••••••••••••••••••••

कविता बहार

सायली कैसे लिखें (How to write SAYLI)

सायली रचना विधान : सायली कैसे लिखें सायली एक पाँच पंक्तियों और नौ शब्दों वाली कविता है | मराठी कवि विशाल इंगळे ने इस विधा को विकसित किया हैं बहुत ही कम वक्त में यह विधा मराठी काव्यजगत में लोकप्रिय हुई और कई अन्य कवियों ने भी इस तरह कि रचनायें रची  ।  पहली पंक्ती …

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सायली छंद में रचना

सायली छंद में रचना चेहरादेख सकूँनसीब में कहाँबिटिया दूरबसेरा। अहसासबस तुम्हारापल-पल यादसताती रहीआज। यादआते रहेवो पल हरदमजो सुनहरेबीते। तेरीनटखट शैतानियाँमहकता रहता था।घर आँगनमेरा। अर्चना पाठक (निरंतर)अम्बिकापुर

Kavita Bahar || कविता बहार

सायली विधा में रचना – मधुमिता घोष

सायली विधा में रचना – मधुमिता घोष बचपनबीत गयाआई है जवानीउम्मीदें बढ़ीसबकी. चलोउम्मीदों केपंख लगा करछू लेंआसमाँ. आँखेंभीगी आजयादों में तेरीखो गयेसपने. सपनेखो गयेइन आँखों केबिखर गईआशायें.   मधुमिता घोष “प्रिणा”

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