कवि होना नहीं है साधारण

कवि होना नहीं है साधारण   नहीं है साधारण कवि होनानहीं है साधारणअपेक्षित हैं उसमेंअसाधारण विशेषताएंमात्र कवि होना हीबहुत बड़ी बात हैलेकिन फिर भीआत्मश्लाघा के मारेलगते हैं नवाजनेखुद को हीराष्ट्रीय कविवरिष्ठ साहित्यकार केखिताबों सेनाम के आगे-पीछेलगा लेते हैंऐसे उपनामजिन पर स्वयंनहीं उतरते खरेसम्मानित होने वकरने का कारोबारले जाता हैपतन के रसातल मेंउनसे जनकल्याण केसृजन कीअपेक्षा … Read more

अनुच्छेद 47

अनुच्छेद 47 अनुच्छेद संतालिस पढ़,                  भारतीय   संविधान|नशा नियंत्रण सत्ता करे,                  कर  रहा है बखान||कर रहा है बखान,                इसे   लागू  करवाओ|नशों से कर के मुक्त,             धरती को स्वर्ग … Read more

नहीँ बताई

नहीँ बताई समाचारों मेंअमितभ बच्चन कीलम्बाई भी बताई अटल बिहारी वाजपेयी कीकविताई भी बताई टाटा, बिड़ला, अम्बानी कीकमाई भी बताई मोदी की लाखों के सूट कीसिलाई भी बताई नेहरु के कपड़ों कीधुलाई भी बताई संजय दत्त की जेल सेरिहाई भी बताई पक्ष-विपक्ष की संसद मेंखिंचाई भी बताई परन्तु गरीबों की भुखमरी सेलड़ाई नहीं बताई -विनोद … Read more

लोकतंत्र की हत्या

लोकतंत्र की हत्या आज भी सजा था मंचसामने थे बैठेअसंख्य श्रद्धालुगूंज रही थींमधुर स्वर लहरियाँभजनों कीआज के सतसंग मेंआया हुआ थाएक बड़ा नेताप्रबंधक लगे थेतौल-मौल मेंप्रवचन थे वही पुरानेकहा गया ‘हम हैं संत’संतों ने क्या लेनाराजनीति सेसमस्त श्रद्धालुओं नेकिया एक तरफा मतदानतब उस मठाधीश कोकितने मामलों मेंमिला जीवनदानभले ही हो गईलोकतंत्र की हत्या-विनोद सिल्ला©कविता बहार … Read more

चुनाव का बोलबाला

चुनाव का बोलबाला हर  गली   में   बोलबाला  है।अब  वक्त  बदलने  वाला  है।।जो चुनाव नजदीक आ गया,बहता   दारू  का   नाला  है।।उन्हें  वोट  चाहिए  हर  घर  से,हर  महिला  इनकी  खाला  है।।साम, दाम, दण्ड, भेद अपनाए,सच  की  छाती  पर  छाला  है।।झुग्गी  में   नेता   रोटी   खाए,समझ  लो गड़बड़  झाला  है।।कल  चाहे  ये  बलात्कार   करें,आज  बहन  हर  एक  बाला है।।ये  … Read more