दूर हटने का साहस
साहस हर चुनौती पर
तलवार खींच लेना नहीं है।
साहस है
यह जान लेना
कौन-सी लड़ाई तुम्हारी है
और कौन-सी नहीं।
जो लड़ाई तुम्हें परिभाषित करती है,
उससे पीछे मत हटो।
जहाँ प्रश्न आत्मा का हो,
वहाँ समझौता मत करो।
पर हर उकसावे पर
प्रतिक्रिया देना
साहस नहीं है।
हर जगह शक्ति दिखाना
अपरिपक्वता है।
सच्चा शत्रु बाहर नहीं,
अंदर है—
डर, आदतें,
आसक्तियाँ,
अहंकार।
अधिकतर समस्याएँ
छलावा होती हैं।
वे तुम्हारी ऊर्जा चूसने आती हैं।
उन्हें जाने दो।
लोग कहेंगे—कमज़ोर है।
हँसेंगे।
गलत समझेंगे।
पर ऊर्जा अनमोल है,
उसे तुच्छ पर मत लुटाओ।
कभी-कभी झुक जाना
हार नहीं होता।
कभी-कभी
दूर चले जाना
सबसे बड़ी बुद्धि होती है।
और जब सही लड़ाई आए—
जो भीतर बदलाव माँगे,
जो तुम्हें तोड़कर गढ़े—
तब खड़े रहना।
भले सब कुछ चला जाए,
पर तुम न हटो।
यही
साहस है।





