रोज़ की जीत

रोज़ की जीत

महान होना
अतिमानव होना नहीं है।
महान होना
अपनी सीमा से
एक क़दम आगे जाना है।

जीना
युद्ध में होना है—
हर दिन,
हर पल।

अंतिम विजय पर
मत अटको।
अगर वह आई,
तो वह
उपहार होगी—
लक्ष्य नहीं।

असल मायने रखते हैं
आज के युद्ध—
छोटे,
शांत,
अदृश्य।

रात को सोओ
योद्धा बनकर।
सुबह उठो
युद्ध जानते हुए।

बिना लड़े
कभी मत थको।
ईमानदार संघर्ष की
थकान—
यही जीत है।

दुनिया की तालियाँ
ज़रूरी नहीं।
अपनी नज़र में
जीतना सीखो।

आलस्य को हराओ।
पीछे हटने की
आदत को हराओ।

हार
परिणाम नहीं है।
हार
पूरा न उठना है।

इसलिए—
छोटी जीतें जीतो।
बार-बार जीतो।
लगातार जीतो।
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