आओं खेलें सब खेलBy मनीभाई नवरत्न / हिंदी कविता, हिंदी बाल कविता आओं खेलें सब खेल आओं खेलें सब खेल ।बन जाओ सब रेल।छुक छुक करते जाओ ।सवारी लेते जाओ ।कोई छुट ना जाए ।हमसे रूठ ना जाए ।सबको ले जाना जरूरी ।तय करनी लम्बी दूरी ।सबको मंजिल पहुंचायेंगे ।घुम फिरकर घर आयेंगे ।मनीभाई नवरत्न 📢 इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें: 📲 WhatsApp ✈ Telegram 📘 Facebook Related Posts जल संकट पर कविता विदाई के पल पर कविता सामाजिक बदलाव पर छत्तीसगढ़ी कविता सेदोका कैसे लिखें (How to write SEDOKA) सबसे बड़ा प्रैंकर: मनीभाई नवरत्न मनीभाई नवरत्न के भक्ति गीतLeave a CommentYour email address will not be published. Required fields are marked *Type here.. Name* Email* Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.