प्यार जो आपको आज़ाद करता है

Love That Sets You Free
(अतुकांत हिंदी कविता – भावानुवाद)

अगर किसी रिश्ते को
परखना हो,
अगर संगति की
गुणवत्ता जाननी हो—
तो
या तो
सच की बात शुरू करो,
या
फालतू शोर
बंद कर दो।

खुद से पूछो—
क्या यह प्रेम है?
तो देखो,
उस व्यक्ति की संगति
तुम्हारे भीतर
क्या जगाती है—

उथल-पुथल
या
शांति?

क्या वह
अपनी मौजूदगी
मनवाना चाहता है,
या
तुम्हें
अपने पैरों पर
खड़ा करना चाहता है?

क्या उसके पास रहकर
असुरक्षा
और अधिकार-बोध
बढ़ता है,
या
तुम और
परिपक्व,
और
निश्चिंत होते जाते हो?

सच्चा प्रेम
तुम्हें सशक्त बनाता है।
वह तुम्हें
तुम्हारे
आश्वस्त “मैं”
के करीब लाता है।

वह कहता है—
“तुम
मेरे बिना भी
पूर्ण हो।
मैं दूर होना नहीं चाहता,
पर अगर कभी दूर हूँ,
तो भी
तुम अधूरे नहीं हो।”

झूठा प्रेम कहता है—
“मेरे बिना
तुम कुछ नहीं।
इसलिए
मुझे पकड़े रहो।”

सच्चे प्रेम का
दाँव
तुम्हारी
भलाई पर होता है।
झूठे प्रेम का
दाँव
तुम्हारी
निर्भरता पर।

वह चाहता है
कि तुम
भावनात्मक,
शारीरिक,
या आर्थिक रूप से
किसी न किसी तरह
उससे बँधे रहो।

सच्चा प्रेम
तुम्हें
सबसे मुक्त देखना चाहता है—
यहाँ तक कि
अपने आप से भी।

क्योंकि
जो सच में प्रेम करता है,
वह
तुम्हारी उड़ान से
डरता नहीं।
Scroll to Top