डिजेन्द्र कुर्रे (कोहिनूर)

परिचय
नाम - डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
पिता - श्री गणेश राम कुर्रे
माता - श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे
शिक्षा - बीएससी बायो.,एम.एस.सी. जूलॉजी,एम.ए.हिंदी,समाजशास्त्र, संस्कृत,एम. ए. छत्तीसगढ़ी,डी एड,पीजीडीसीए
जन्मतिथि - 5 सितंबर 1984
पद - शिक्षक(समन्वयक संकुल केंद्र जमदरहा)
स्थाई पता - ग्राम पीपरभौना, पोस्ट धनगाँव,तहसील बिलाईगढ़,जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ (छ.ग.)
वर्तमान पता-मिडिल स्कूल पुरुषोत्तमपुर,तहसील बसना,
जिला महासमुंद (छ.ग.)

प्रकाशित कृतियाँ -
1.कोहिनूर की आभा(प्रथम काव्य संग्रह)
2.मेरी ताकत है कलम (द्वितीय काव्य संग्रह)
3.सतनाम चालीसा
4.सुमता के अंजोर (छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)
5.ज्ञान सुधा (बाल पत्रिका)
6.कोहिनूर दीवाना (मुक्तक संग्रह )
संपादकीय संग्रह --
1.सोनहा बिहान (छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)
2.संस्कार सरोवर (हिंदी काव्य संग्रह)
3.सोनहा बिहान भाग 2(छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)
4.अजर अमर सतनाम (छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)
5.होली के हंसगुल्ले (राष्ट्रीय साझा संकलन)
6.नीलांचल काव्यांजली (राष्ट्रीय साझा संकलन)
7.एक मुस्कान (राष्ट्रीय साझा संकलन)
8.महिमा वीर नारायण के (छत्तीसगढ़ी साझा संकलन)
9.कर्मयोगी संत गाडगे महाराज (राष्ट्रीय साझा संकलन)
10.मोर छत्तीसगढ़ महतारी (साझा संग्रह)
11.अवध में राम पधारें है (राष्ट्रीय साझा संग्रह )
12.संत गौरव बाबा गाडगे (राष्ट्रीय साझा संकलन )
13.विश्व रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर (अंतराष्ट्रीय साझा संकलन )
14.मया के खजाना (छत्तीसगढ़ी साझा संकलन )
15.गीत (राष्ट्रीय साझा संकलन )
16.आजादी के नायक (इंडिया बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड )
17.संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास (राष्ट्रीय साझा संग्रह )
साझा प्रमुख संग्रह -
01.छन्दबद्ध भारत का संविधान (गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज )
02.छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन (गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड)
03.छंदबद्ध वृहद हिंदी व्याकरण (गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड)
अन्य रचनाएँ - अर्धशताधिक साझा संकलन में रचनाएँ एवं देश की कई पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ सतत प्रकाशित।

विधा - मुक्त छंद,घनाक्षरी,मुक्तक, गीत, कहानी, हायकू, दोहा, कुंडलियाँ,पद्य आदि विधाओ पर 1000से अधिक रचनायें।

सम्मान ---
1.मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण सम्मान 2019
2.छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान 2019
3.डॉ.अम्बेडकर शिक्षा क्रांति 2019
4.राष्ट्रीय स्तर में गोल्ड,सिल्वर,एवं ब्रॉन्ज मेडल (कराटे खेल)
5.गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड(छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन) 2023
6.युवा साहित्य रत्न सम्मान 2024
7.सावित्री बाई फुले सम्मान 2024
8.गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड (छंदबद्ध भारत का संविधान) 2024
9.गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड (छंदबद्ध वृहद हिंदी व्याकरण) 2025

सैकड़ों साहित्यिक सम्मान।कला कौशल साहित्य संगम प्रदेश सचिव,इनके अलावा कई मंचों में पद पदाधिकारी दायित्वों का निर्वहन।
मोबाइल नंबर - 8120587822,9303921073
ईमेल - dijendrakurrey30@gmail.com

कोहिनूर की आभा – डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

हिंदी कविता

कोहिनूर की आभा – डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर सत्यनाम के ज्ञान का,करो हृदय में ध्यान। गुरुवर की पाकर कृपा,बनना परम महान।। सत्य वचन नित बोलिए,यह मिश्री का घोल।तन मन को पावन करें,अनुपम मीठे बोल।। पावनता मन में रहे , फैले ज्ञान प्रकाश।दर्पण सम स्वछन्द हो,जीवन का आकाश।। बढ़ जाता मन भाव में,सहज प्रखर विश्वास।जब करते हम […]

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संविधान पर कुंडलियाँ- डिजेन्द्र कुर्रे

हिंदी कविता

संविधान पर कुंडलियाँ- डिजेन्द्र कुर्रे साधक थे संविधान के,रचकर नव इतिहास।संविधान के नाम से,जाहिर जिनका नाम। जाहिर जिनका नाम,हिंद ही सब कुछ माने।बढ़े देश का मान ,मर्म यह ही पहचाने । कह डिजेन्द्र करजोरि,नहीं अब कोई बाधक।देश किया मजबूत,भारती का बन साधक।। डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”

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हमर छेरछेरा तिहार-डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

हिंदी कविता

गीत – हमर छेरछेरा तिहार सुख के सुरुज अंजोर करे हे,हम सबझन के डेरा म।हाँसत कुलकत नाचत गावत,झूमत हन छेरछेरा म।। //1//आज जम्मो झन बड़े बिहनिया, ले छेरछेरा कुटत हे।कोनलईका अउ कोन सियनहा,कोनो भी नई छूटत हे।ये तिहार म सब मितान हे,इही हमर पहचान हावय।मनखे मन ल खुशी देवैईया,सोनहा सुघ्घर बिहान हावय।है जुगजुग ले छत्तीसगढ़

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happy new Year

नववर्ष पर हिंदी कविता

समाज और यथार्थ,

इस वर्ष नववर्ष पर कविता बहार द्वारा निम्न हिंदी कविता संकलित की गयी हैं आपको कौन सा अच्छा लगा कमेंट कर जरुर बताएं नववर्ष पर हिंदी कविता : महदीप जँघेल निशिदिन सुख शांति की उषा हो,न शत्रुता, न ही हो लड़ाई।प्रेम दया करुणा का सदभाव रहे,सबको नववर्ष की हार्दिक बधाई। विश्व बंधुत्व की भावना हो

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डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर के मुक्तक कविता

हिंदी कविता

डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर के मुक्तक कविता मुक्तक – बदरिया की घटाओ सी बदरिया की घटाओ सी ,तेरी जुल्फें ये कारे हैतेरे माथे की बिंदिया से, झलकते चाँद तारे हैकभी देखा नहीं हमने, किसी चंदा को मुड़ मुड़ केमगर पूनम तेरी आँखों में,हमने दिल ये हारे है गैरों से तेरा मिलना, मुझे तिल तिल जलाता हैमगर

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डिजेन्द्र कुर्रे के सर्वश्रेष्ठ 5 माहिया छंद

हिंदी कविता

यहाँ पर डिजेन्द्र कुर्रे के सर्वश्रेष्ठ 5 माहिया छंद प्रस्तुत हैं माहिया छंद -भारत की माटी पूजा की आरत हैं,समता है जिसमें….यह मेरा भारत है हो स्वर्ग हिमालय सा,हृदय रहे अपना…कैलाश शिवालय सा पावन परिपाटी हैंचंदन के जैसाभारत की माटी है प्यासे समशिरो कोचाह चलाने कीभारत के वीरों को रक्षक जो सीमा केवह भी बेटे

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सबसे अच्छी सखा किताबें – डीजेन्द्र कुर्रे

हिंदी कविता

यह विभिन्न श्रेणियों के अर्न्तगत हिंदी, अंग्रेजी तथा अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओँ एवं ब्रेल लिपि में पुस्तकें प्रकाशित करता है। यह हर दूसरे वर्ष नई दिल्ली में ‘विश्व पुस्तक मेले’ का आयोजन करता है, जो एशिया और अफ्रीका का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। यह प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक ‘राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह’ भी मनाता है। सबसे अच्छी सखा किताबें कहलाती है

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हम भारत के वासी

हिंदी कविता

हम भारत के वासी जन्म लिए जिस पुण्य धरा पर,इस जग में जो न्यारा है।हम भारत के वासी हम तो,कण -कण इसका प्यारा है। देश वासियों चलो देश का,हमको मान बढ़ाना हैं।दया-धरम सदभाव प्रेम से,सबको गले लगाना हैं।द्वेष-कपट को त्याग हृदय से,सुरभित सुख के हेम रहे।हिन्दू मुस्लिम,सिख-ईसाई,सब में अनुपम प्रेम रहे।मुनियों के पावन विधान ने,जग

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सावन पर दोहे

हिंदी कविता

सावन पर दोहे ★★★★★★★★सावन में पड़ने लगी,रिमझिम सरस फुहार।हरित चुनर ओढ़ी धरा,सुरभित है संसार।। कोयल कूके बाग में , दादुर करते शोर।सौंधी माटी की महक,फैल रही चहुँ ओर।। कल कल कर बहने लगी,धरती में जल धार।पावस का वरदान पा,आलोकित संसार।। तरु लता सब झूमकर , देते है संदेश।प्रेम रहे सब जीव में,छोड़ो कपट कलेश।। पावस

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किसान पर दोहे -डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”

हिंदी कविता

किसान पर दोहे धरती पुत्र किसान का , मत करना अपमान।जो करता सुरभित धरा,उपजाकर धन धान।। कॄषक सभी दुख पीर में , आज रहे है टूट।करते रहे बिचौलिए , इनसे निसदिन लूट।। रत्ती भर जिनको नही,फसल उपज का ज्ञान।वे अयोग्य रचने लगे , अब तो खेत विधान।। आंदोलन के नाम पर , डटे कृषक दिन

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