नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर
हिंदी कवितानमन हे विश्ववन्दनीय महावीर त्याग और अहिंसा की मूर्ति है महावीर।क्षमा और करूणा का सागर है महावीर।दर्शन ज्ञान चरित्र की ज्योति है महावीर।‘रिखब’का नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर!राजा सिद्धारथ के घर जन्में,माता जिसकी त्रिशला रानी।तीर्थंकर प्रभु की याद दिलाने,आई प्यारी महावीर जयन्ति।चैत्रशुक्ल दिन त्रयोदशी आया,कुण्डलपुर नगरी अानंद छाया।दिव्य स्वरूप धरती पर आया,जन्मदिवस का उत्सव मनाया।राजमहल में […]
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