चल मेरे भाई – वन्दना शर्मा
हिंदी कविताचल मेरे भाई – वन्दना शर्मा चलो आज गुजार लेते हैं कुछ खुशी के लमहे,बन जाते हैं एक बार फिरसिर्फ इंसान,और चलते हैं वहाँउसी मैदान में जहाँ,राम और रहीम एक साथ खेलते हैं।चढ़ाते हैं उस माटी का एक ही रंगचलते हैं उस मंदिर और मस्जिद के विवाद की भूमि परदोनों मिलकर बोएँगे प्रेम के बीजचल […]
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