यह तुम्हारी नियति नहीं है!
हास्य और व्यंग्य, हिंदी कवितायह तुम्हारी नियति नहीं है! तुमकुछ बनने नहीं आए हो।तुमकुछ याद करने आए हो। जिसे तुमखोज रहे हो—वहकभी खोया ही नहीं। खोजने वालाझूठा है।जिसे खोजना है,वहपहले सेमौजूद है। अपनीमूल सत्ता कोमत भूलो—वहतुम्हारेआज के अनुभवों सेकहीं आगे है। तुमअसीम हो।अपरिमेय। भले हीतुम्हारेखाने,सोचने,जीने के ढंग मेंइसकाकोई प्रमाण न दिखे। आदतेंइसे नहीं दिखातीं।चुनावइसे व्यक्त नहीं करते। फिर भीयह
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