हिंदी कविता

देवकरण गंडास अरविन्द की कवितायेँ

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर देवकरण गंडास अरविन्द की कवितायेँ दी जा रही हैं श्रमिक का सफर जब ढलता है दिन सब लौटते घरहर चेहरा कहां खुश होता है मगर,उसका रास्ता निहारती कुछ आंखेंपर खाली हो हाथ तो कठिन डगर।ऐसा होता है श्रमिक का सफर….. उसने सारा दिन झेला धूप पसीनाबना लिया है उसने खुद को पत्थरहाथ पांव […]

देवकरण गंडास अरविन्द की कवितायेँ Read More »

Hindi Poem ( KAVITA BAHAR)

राजकुमार मसखरे की कवितायेँ

समाज और यथार्थ

यहाँ पर राजकुमार मसखरे की कवितायेँ प्रकाशित की गयी हैं आप इन कविता को पढ़कर अपनी राय जरुर दें कि आपको कौन सी कविता अच्छी लगी. इन्हें पहचान ! कितने राजनेताओं के सुपुत्रसरहद में जाने बना जवान !कितने नेता हैं करते किसानीये सुन तुम न होना हैरान !बस फेकने, हाँकने में माहिरजनता को भिड़ाने में

राजकुमार मसखरे की कवितायेँ Read More »

manibhai Navratna

मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 50 कवितायेँ (खंड १)

समाज और यथार्थ

यहाँ पर मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 50 कवितायेँ एक साथ दिए जा रहे हैं आपको कौन सी कविता अच्छी लगी हो ,कमेंट कर जरुर बताएँगे. कविता 1 क्यों टोकाटाँकी करते हैं ? बच्चे अपने मन से जब जब   कुछ    नया    करते है।       असफलता भय से,              बुजुर्ग उन्हे,                  क्यों ?       टोकाटाँकी करते हैं।                 जिस              

मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 50 कवितायेँ (खंड १) Read More »

डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर के मुक्तक कविता

हिंदी कविता

डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर के मुक्तक कविता मुक्तक – बदरिया की घटाओ सी बदरिया की घटाओ सी ,तेरी जुल्फें ये कारे हैतेरे माथे की बिंदिया से, झलकते चाँद तारे हैकभी देखा नहीं हमने, किसी चंदा को मुड़ मुड़ केमगर पूनम तेरी आँखों में,हमने दिल ये हारे है गैरों से तेरा मिलना, मुझे तिल तिल जलाता हैमगर

डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर के मुक्तक कविता Read More »

महदीप जंघेल की कविता

देशभक्ति

महदीप जंघेल की कविता बचपन जीने दो भविष्य की अंधी दौड़ में,खो रहा है प्यारा बचपन।टेंशन इतनी छोटी- सी उम्र में,औसत उम्र हो गया है पचपन। गर्भ से निकला नहीं कि,जिम्मेदारी के बोझ तले दब जाते,आपको ये बनना है,वो बनना है,परिवार के लोग बताते। तीन साल के उम्र में ही,बस्ता का बोझ उठाते है।कंपीटिशन ऐसा

महदीप जंघेल की कविता Read More »

manibhai Navratna

मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 10 कवितायेँ (खंड २)

समाज और यथार्थ

यहाँ पर मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 10 कवितायेँ एक साथ दिए जा रहे हैं आपको कौन सी कविता अच्छी लगी हो ,कमेंट कर जरुर बताएँगे. हिंदी कविता 1 आगे बढ़ो आगे बढ़ो , आगे बढ़ो ,पीछे ना हटो तुम ।रख के खुद से भरोसा,मुश्किलों से निपटो तुम। उबड़ खाबड़ है तेरी राह ।मंजिल

मनीलाल पटेल उर्फ़ मनीभाई नवरत्न की 10 कवितायेँ (खंड २) Read More »

हाइकु

कवि रमेश कुमार सोनी की कविता

नारी जीवन और संवेदना

कवि रमेश कुमार सोनी की कविता बसंत के हाइकु – रमेश कुमार सोनी 1 माली उठाते/बसंत के नखरे/भौंरें ठुमके। 2 बासंती मेला/फल-फूल,रंगों का/रेलमपेला। 3 फूल ध्वजा ले/मौसम का चितेरा/बसंत आते। 4 बागों के पेड़/रोज नया अंदाज़/बसंत राज। 5 बासंती जूड़ा/रंग-बिरंगे फूल/दिल ले उड़ा । 6 आओ श्रीमंत/दिखाऊँ कौन रँग/कहे बसंत। 7 फूल-भँवरे/मदहोश श्रृंगारे/ऋतुराज में। 8

कवि रमेश कुमार सोनी की कविता Read More »

अपने पापा की मैं हूँ – ताज मोहम्मद

हिंदी कविता

प्रस्तुत हिंदी कविता का शीर्षक अपने पापा की मैं हूँ। है जोकि ताज मोहम्मद की रचना है. इसे बेटी को आधार मानकर रची गयी हैं”.

अपने पापा की मैं हूँ – ताज मोहम्मद Read More »

अशक्तता पर विजय – आशीष कुमार

हिंदी कविता

प्रस्तुत हिंदी कविता का शीर्षक “अशक्तता पर विजय” है जो कि आशीष कुमार मोहनिया, बिहार की रचना है. इसे अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में दिव्यांग व्यक्ति के स्वाभिमान पूर्वक जीवन जीने की ललक एवं चेष्टा को आधार मानकर लिखा गया है.

अशक्तता पर विजय – आशीष कुमार Read More »

Scroll to Top