हिंदी कविता

शुभ संध्या नभ तले (संध्या-वन्दन)

हिंदी कविता

प्रस्तुत संध्या-वन्दन राजेश पाण्डेय वत्स छत्तीसगढ़ द्वारा रचित है. शुभ संध्या नभ तले (संध्या-वन्दन) दिन रात संधिकाल, शुभ लग्न संध्या हाल,तारागण झाँक पड़े,पल सुखदाई में! नीड़ दिशा उड़ी दल,विहगों की कोलाहल,तिमिर को न्यौता मिला,सुर शहनाई में! लाडली सुन्दरी शाम, पल भर मेहमान,विमल आकाश खेली,मृदु शीतलाई में! शुभ संध्या नभ तले,पग घर ओर चलेवत्स वही फिर […]

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नवदेवियों पर हिंदी कविता -डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

हिंदी कविता

यह नवदेवियों पर आधारित हिंदी कविता है जो कि डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी द्वारा रचित है.

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कन्या पूजन या भ्रूणहत्या -राकेश सक्सेना

समाज और यथार्थ

प्रस्तुत कविता का शीर्षक – “कन्या – पूजन या भ्रूण हत्या” समाज के उन लोगों से सवाल है जो एक तरफ तो देवी स्वरूपा कन्या का पूजन करते हैं वहीं अपने परिवार में बेटी होने का दुःख मनाते हैं। इसी विषय वस्तु को आधार मानकर रची गई है।

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वह स्त्री है( स्त्री आधारित कविता)

समाज और यथार्थ

इस कविता में स्त्री के विविध रूपों में उसकी विविध शक्तियों को दर्शाया गया है। जो यथार्थ जीवन से जुड़ी हुई हैं।

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अकारण ही -राजुल

हिंदी कविता

जीवन यात्रा में बहुत कुछ अकारण होते,रचते रहना चाहिए। वृत्ताकार और यंत्रवत जीवन जीने से मर सा जाता है आदमी और निष्प्राण हो जाती है उसके अंदर की आदमियत…

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स्त्री शक्ति प्रतिमूर्ति – साधना मिश्रा

नारी जीवन और संवेदना

दुर्गा का निरूपण सिंह पर सवार एक देवी के रूप में की जाती है। दुर्गा देवी आठ भुजाओं से युक्त हैं जिन सभी में कोई न कोई शस्त्रास्त्र होते है। उन्होने महिषासुर नामक असुर का वध किया। महिषासुर (भैंसा जैसा असुर) करतीं हैं। हिन्दू ग्रन्थों में वे शिव की पत्नी दुर्गा के रूप में वर्णित

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मेरे आँगन में आई नन्हीं चिड़िया

हिंदी कविता

नन्ही सी चिड़िया कितनी मेहनत से घोसला बनती है बिना किसी स्वार्थ के एक दिन सभी बच्चे छोड़ जाते है और उड़ जाते है खुले आसमान में . हमें कुछ सिख मिलती है इस से ..

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