कहाँ बचे हैं गाँव
हिंदी कविताग्रामीण परिवेश पर आधारित रचना
ग्रामीण परिवेश पर रचना
थके हुए हैं पाँव दूर बहुत है गाँव Read More »
मां सरस्वती वंदना और बसंत पंचमी विशेष रचना
वीणा वादिनी नमन आपको प्रणाम है Read More »
वाणी वंदना : माँ वाणी अभिनंदन तेरा माँ वाणी, अभिनंदन तेरा, करती हिय से, वंदन तेरा, दिव्य रूप आँखों में भर लूं, तन हो जाये चंदन मेरा | माँ वाणी, अभिनंदन तेरा | जीवन अपना, अनुशासित हो, परिलक्षित हो, परिभाषित हो, इस पर न हो, तम का डेरा | माँ वाणी, अभिनंदन तेरा | हम
वाणी वंदना : माँ वाणी अभिनंदन तेरा Read More »
गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक
जय गणपति जय पार्वती सुत- गणेश स्तुति Read More »
बसंत पंचमी विशेष रचना ऋतुराज बसंत- शची श्रीवास्तव
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लौट आओ बसंत न खिले फूल न मंडराई तितलियाँन बौराए आम न मंडराए भौंरेन दिखे सरसों पर पीले फूलआख़िर बसंत आया कब..? पूछने पर कहते हैं–आकर चला गया बसंत !मेरे मन में रह जाते हैं कुछ सवालकब आया और कब चला गया बसंत ?कितने दिन तक रहा बसंत ?दिखने में कैसा था वह बसंत ?
श्री रामचंद्र भगवान पर आधारित उपमेंद्र सक्सेना
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राम नाम ही सत्य रहेगा / उपमेंद्र सक्सेना एड० Read More »
भीष्म महाराजा शान्तनु के पुत्र थे महाराज शांतनु की पटरानी और नदी गंगा की कोख से उत्पन्न हुए थे | उनका मूल नाम देवव्रत था। |हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को भीष्म पितामाह की जयंती मनाई जाती है भीष्म की विवशता कौरव और पांडव के पितामह,सत्य न्याय के पारखी !चिरकुमार भीष्म
भीष्म पितामह जयन्ती पर हिंदी कविता Read More »
गुरूपूर्णिमा विशेष दोहे करूँ नमन गुरुदेव को,जिनसे मिलता ज्ञान।सिर पर आशीर्वाद का,सदा दीजिए दान।।१।।*****हरि गुरु भेद न मानिए,दोनों एक समान।कुछ गुरु हैं घंटाल भी,कर लेना पहचान।।२।।*****प्रथम गुरू माता सुनो,दूजे जो दें ज्ञान।तीजे दीक्षा देत जो,जग गुरु सीख सुजान।।३।।*****ज्ञान गुरू देकर करें,शिष्यों का कल्याण।गुरु सेवा से शिष्य भी,होते ब्रम्ह समान।।४।।*****गुरू परीक्षा लेत हैं,शिष्य न जो घबराय।श्रद्धा
गुरूपूर्णिमा विशेष दोहे Read More »