रास नहीं क्यों आता है-राजकिशोर धिरही
हिंदी कवितारास नहीं क्यों आता है शौचालय का अभियान चला,वंचित घर रह जाता है।बाहर जाते बच्चे उनके,रास नहीं क्यों आता है जाति भेद को करते रहते,जलते रहते बढ़ने सेटाँग अड़ाते फिरते रहते,रोका करते पढ़ने से चाँद पर जा रही है दुनिया,बैरी के मन काले हैंखुले में शौच करने से ही,हत्या कर डाले हैं रंजिश रखते हैं […]
रास नहीं क्यों आता है-राजकिशोर धिरही Read More »
