उद्धार की प्रतीक्षा बंद करो
हिंदी कविताउद्धार की प्रतीक्षा बंद करो जिस काम कोतुम्हेंखुद के लिएकरना था,उसे टाल दिया—और अबकिसी और सेउसी कमी कीभरपाई चाहते हो। स्पष्टता,समृद्धि,और जीवन मेंअर्थ लाने कीमूल जिम्मेदारीकेवलतुम्हारी है। कोई औरइसके लिएजन्मा नहीं है। हाँ,कोई चाहे तोसहयोग दे सकता है—स्वेच्छा से।परयह उसका कर्तव्य नहीं। औरयदि वहतुम्हारी अपेक्षाएँन उठाए,तोतुम्हेंठगा हुआमहसूस करने काकोई अधिकार नहीं। सच सरल है—तुम्हारा जीवन,तुम्हारी
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