ले ली जिंदगी ने करवट -मनीभाई नवरत्न
हिंदी कविताले ली जिंदगी ने करवट रहता नहीं यहां; कुछ भी पहले सा।सब बदल रहा है , तू भी बदल।छिपता कहां है कुछ भी किसी से,छिप छिपके , क्या निकले हल?करना यहां जो भीसच्चाई के दम पेकर लेना तू झटपटले ली जिंदगी ने करवट । बसना नहीं है, बढ़ना है तुझे।अपनों से रो के लड़ना है […]
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