यह रासायनिक अस्तित्व
मन और भावनाएँयह रासायनिक अस्तित्व एक शब्दकान से टकराता है—औरपूरा शरीरउथल-पुथल में आ जाता है। एक शब्द,औरतापमान बढ़ जाता है।हृदय तेज़ हो जाता है।श्वास बदल जाती है। यह क्या है? यदिरासायनिक प्रतिक्रिया नहीं,तोऔर क्या है? यह देहरसायनों का ढेर है। इसमेंरासायनिक विचार उठते हैं।रासायनिक भाव बहते हैं।रासायनिक इच्छाएँआकर्षित करती हैं।रासायनिक भयसिकोड़ते हैं।रासायनिक महत्वाकांक्षाएँदौड़ाती हैं।रासायनिक प्रेमआसक्ति बन जाता
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