डर कमजोरी नहीं, संदेश है
हिंदी कविताडर कमजोरी नहीं, संदेश है डर दुश्मन नहीं है।वह यूँ ही नहीं आता।वह एक संदेश लेकर आता है—यहाँ कुछ अधूरा है। वह बाहर की ओर इशारा नहीं करता,वह भीतर की दरार दिखाता है।जहाँ तुम सत्य में जड़े नहीं हो,जहाँ तुम उधार के सहारों पर खड़े हो। डर कहता है—यहाँ तुम अभी वास्तविक नहीं हो। अगर
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