माँ मै आ गया हूँ / कमल कुमार सिंह

mother their kids

माँ मै आ गया हूँ /कमल कुमार सिंह माँ अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी हैना सुन सकती है न बोल सकती है देख कर भी कुछ कह नही सकती काले अंधेर दुनिया मे गुम हो चुकी हैउम्मीद की किरण अब खो चुकी हैदुनिया को अलविदा कह चुकी है.. माँ मै आ गया हूँ जब वो … Read more

रूख राई हे खास/ डॉ विजय कुमार कन्नौजे

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रूख राई हे खास/ डॉ विजय कुमार कन्नौजे जंगल झाड़ी अउ रूख राईप्राणी जगत के संगवारी हे।काटथे‌ फिटथे जउन संगीओ अंधरा मुरूख अज्ञानी हे। अपने हाथ अउ अपने गोड़मारत हवय जी टंगिया।अपन हाथ मा घाव करयबेबस हवय बनरझिया।। पेट ब्याकुल बनी करत हेठेकेदार के पेट भरत हे।नेता मन के कोठी भरत हेजीव जंतु जंगल के … Read more

हसदेव जंगल पर कविता

hasdev jangal

हसदेव जंगल पर कविता हसदेव जंगल उजार के रोगहा मन पाप कमा के मरही।बाहिर के मनखे लान केमोर छत्तीसगढ़ म भरही।। कभु सौत बेटा अपन नी होवय,सब झन अइसन कइथे।सौत भल फेर सौत बेटा नहीसौतिया डाह हर रइथे।। हसदेव जंगल दवई खदानसब जंगल ल उजाड़ही।बिन दवई बुटी के ,जन-जन ल रोगहा मन मार ही।। जंगल … Read more

सतनाम पर कविता

सत के रद्दा बताये गुरूसही मारग दिखाये।सहीं मारग बतायें गुरू जय‌‌‌तखाम ल गड़ाये।। चंदा सुरूज ल चिनहायेगुरु,जोड़ा खाम ल गड़ायेविजय पताका ल फहरायेसाहेब, सतनाम ल बताये।। तोरे चरनकुंड के महिमासाहेब, जन-जन ल बताये। सादा के धजा बबा,सादा तिलक तोर माथे में।सादा के लुगरा पहिरे हवयसफुरा दाई साथ में।। मैं घोंडइया देवव बाबा,मैं पईंया लागव तोर।मोर … Read more

हर क्षण नया है

हर क्षण नया है। साल नया आ गया गौर से देखो हर क्षण नया होता है।कुछ मिलता है, कुछ खोना होता है।हर क्षण नया होता है। जीवन के इस सफर में, कोई अपना कोई पराया होता है।सुख, दुःख की दो धार में,हर क्षण नया होता है। लोग मिलते हैं बिछड़ते हैं। जो जिसे दिल से … Read more