कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

अशक्तता पर विजय – आशीष कुमार

हिंदी कविता

प्रस्तुत हिंदी कविता का शीर्षक “अशक्तता पर विजय” है जो कि आशीष कुमार मोहनिया, बिहार की रचना है. इसे अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में दिव्यांग व्यक्ति के स्वाभिमान पूर्वक जीवन जीने की ललक एवं चेष्टा को आधार मानकर लिखा गया है.

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विश्व एड्स दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता,

विश्व एड्स दिवस पर लेख   एड्स एक लाइलाज बीमारी है, जिसके फैलने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध  है,  इस बीमारी से असल में बचाव सिर्फ सुरक्षा में निहित है। एचआईवी/ एड्स से ग्रसित लोगों की मदद करने के लिए धन जुटाना, लोगों में एड्स को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना और एड्स से जुड़े

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सुकमोती चौहान “रुचि” की 10 रचनाएँ

समय और जीवन दर्शन

सुकमोती चौहान “रुचि” की 10 रचनाएँ एक अंकुरित पौधा एक अंकुरित आम , पड़ा था सड़क किनारे ।आते जाते लोग , सभी थे उसे निहारे ।।खोज रहा अस्तित्व , उठा ले कोई सज्जन ।दे दे जड़ को भूमि , लगा दे लेकर उपवन ।।करता वह चीत्कार है , जीना चाहूँ मैं सुनो ।मुझे सहारा दो तनिक

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मुकुटधर पांडेय की लोकप्रिय कवितायेँ

समय और जीवन दर्शन

यहाँ पर मुकुटधर पांडेय की कुछ लोकप्रिय कवितायेँ प्रस्तुत की जा रही हैं जो भी आपको अच्छा लगे कमेट कर जरुर बताएँगे मेरा प्रकृति प्रेम / मुकुटधर पांडेय हरित पल्लवित नववृक्षों के दृश्य मनोहरहोते मुझको विश्व बीच हैं जैसे सुखकरसुखकर वैसे अन्य दृश्य होते न कभी हैंउनके आगे तुच्छ परम ने मुझे सभी हैं ।

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श्रीमती पदमा साहू की 10 कवितायेँ

समाज और यथार्थ

नारी का साहस जग में नारी का अवतार चार,माता , भार्या, पुत्री, बहना।सौम्य स्वभाव ,त्याग ,सेवा ,नारी का है अद्भुत गहना।नारी साहस, प्रेरणा की मूर्ति ,ममता ,वात्सल्य नारी का खजाना।नारी है गृहस्ती का पहिया,परिवार की आस्था और भावना।रणक्षेत्र में दुर्गा ,लक्ष्मी नारी ।समाज रक्षक शत्रु संहारणा ।प्राचीन नारी का गौरव देखो ,बनके उभरी सामाजिक संरचना।पशु

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

कुंवर नारायण की लोकप्रिय कवितायेँ

हिंदी कविता

यहाँ पर कुंवर नारायण की लोकप्रिय कवितायेँ दिए जा रहे हैं जो भी आपको अच्छी लगे उसे आप कमेंट कर हमें जरुर बताएं बीमार नहीं है वह / कुंवर नारायण बीमार नहीं है वहकभी-कभी बीमार-सा पड़ जाता हैउनकी ख़ुशी के लिएजो सचमुच बीमार रहते हैं। किसी दिन मर भी सकता है वहउनकी खुशी के लिएजो

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भारतेंदु हरिश्चंद्र की लोकप्रिय कवितायेँ

प्रकृति और पर्यावरण

यहाँ पर भारतेंदु हरिश्चंद्र की लोकप्रिय कवितायेँ के पढेंगे . आपको जो भी कविता अच्छी लगे कमेंट करके जरुर बताएं

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सोहनलाल द्विवेदी की लोकप्रिय कवितायेँ

हिंदी कविता

जी होता चिड़िया बन जाऊँ / सोहनलाल द्विवेदी जी होता, चिड़िया बन जाऊँ!मैं नभ में उड़कर सुख पाऊँ! मैं फुदक-फुदककर डाली पर,डोलूँ तरु की हरियाली पर,फिर कुतर-कुतरकर फल खाऊँ!जी होता चिड़िया बन जाऊँ! कितना अच्छा इनका जीवन?आज़ाद सदा इनका तन-मन!मैं भी इन-सा गाना गाऊँ!जी होता, चिड़िया बन जाऊँ! जंगल-जंगल में उड़ विचरूँ,पर्वत घाटी की सैर

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हर तरफ है भ्रष्टाचार – आशीष कुमार

समाज और यथार्थ

प्रस्तुत गीत का शीर्षक “हर तरफ है भ्रष्टाचार है” जोकि आशीष कुमार (मोहनिया, कैमूर, बिहार) की रचना है. इसे वर्तमान समाज में फैले भ्रष्टाचार को आधार मानकर रचा गया है. इस रचना के माध्यम से बताया गया है कि हमारे समाज में भ्रष्टाचार कितनी गहरी पैठ बना चुका है.

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विनोद सिल्ला की व्यंग्य कवितायेँ

हिंदी कविता

यहाँ पर विनोद सिल्ला की व्यंग्य कवितायेँ प्रकाशित की गयी हैं आपको कौन सी अच्छी लगी कमेंट कर जरुर बताएँगे दो-दो भारत वंचितों  की  बस्तियां  इस  ओर  हैं,सम्पन्नों  की  बस्तियां  उस ओर  हैं, उधर महके  सम्पन्नता  में  छोर-छोर,इधर अभावग्रस्त  है  हर  कोर-कोर, उधर पकवानों की  महक  उठी  है,इधर पतीली उपेक्षित  सी  पड़ी  है, उधर पालतू

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