कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध कवितायेँ

समय और जीवन दर्शन

यहाँ पर सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध कवितायेँ के बारे में बताया गया है , आपको कौन सी अच्छी लगी कमेंट कर जरुर बताएं खँडहर के प्रति / सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” खँड़हर! खड़े हो तुम आज भी?अदभुत अज्ञात उस पुरातन के मलिन साज!विस्मृति की नींद से जगाते हो क्यों हमें–करुणाकर, करुणामय गीत सदा गाते हुए? […]

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श्रीधर पाठक की 10 लोकप्रिय कवितायेँ

प्रकृति और पर्यावरण

यहाँ पर श्रीधर पाठक की 10 लोकप्रिय कवितायेँ दी जा रही हैं आपको कौन सी अच्छी लगी , कमेंट कर जरुर बताएं हिंद-महिमा / श्रीधर पाठक जय, जयति–जयति प्राचीन हिंदजय नगर, ग्राम अभिराम हिंदजय, जयति-जयति सुख-धाम हिंदजय, सरसिज-मधुकर निकट हिंदजय जयति हिमालय-शिखर-हिंदजय जयति विंध्य-कन्दरा हिंदजय मलयज-मेरु-मंदरा हिंदजय शैल-सुता सुरसरी हिंदजय यमुना-गोदावरी हिंदजय जयति सदा स्वाधीन

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मनीभाई नवरत्न के हिंदी में चोंका

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर हम आपको मनीभाई नवरत्न के हिंदी में चोंका प्रस्तुत कर रहे हैं यदि आपको पसंद आई हो या कोई सुझाव हो तो नीचे कमेंट जरुर करें हिंदी में चोंका इसे भी पढ़ें :- चोका कैसे लिखें(How to write Choka ) चोका :- शीत प्रकोप धुंधला भोरकुंहरा चहुं ओरकुछ तो जलाजाने क्या हुई बलाक्या

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सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल

हिंदी कविता

सुकमोती चौहान रुचि की ग़ज़ल गज़ल बहर 1212  1212   1212   1212 दबा के दुखती नस को लाया जलज़ला अभी -अभीच़रागे दिल जला गया वो हमनवा अभी – अभीदुआ करो कि बुझ न पाये आग ये जुनून कीमुझे दिखा मुकाम वो चला गया अभी – अभीन जी रहे न मर रहे मिला ये इश्क़ मेंसिला ये

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रेखा मल्हार की कविता

हिंदी कविता

रेखा मल्हान की कविता मिले न सभी को रोटी , नहीं कपड़ा मकान ।भूखे ही सबै सोवत , नेता करै न भान ।। १।। नेता कर जनहित वदन , लालच देवत जात ।झुठा वादे करत जात , मान नहीं निज बात ।।२ ।। हो स्वदेश का विकास , रखते हैं यह आस ।सपने हो सबै

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मंजिल पुकार रही है प्रेरणा गीत- आशीष कुमार

प्रेरणा और सकारात्मकता, हिंदी कविता

प्रस्तुत प्रेरणा गीत का शीर्षक “मंजिल पुकार रही है” जोकि आशीष कुमार मोहनिया, कैमूर, बिहार की रचना है. यह लोगों को उनकी मंजिल पाने की अर्थात कामयाबी हासिल करने के लिए हमेशा आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा पर आधारित गीत है.

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popular poet in hindi sahitya

सुभद्राकुमारी चौहान की 10 लोकप्रिय रचनाएँ

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर सुभद्राकुमारी चौहान की 10 लोकप्रिय रचनाएँ दी गयी हैं सुभद्राकुमारी चौहान की 10 लोकप्रिय रचनाएँ अनोखा दान / सुभद्राकुमारी चौहान अपने बिखरे भावों का मैंगूँथ अटपटा सा यह हार।चली चढ़ाने उन चरणों पर,अपने हिय का संचित प्यार॥ डर था कहीं उपस्थिति मेरी,उनकी कुछ घड़ियाँ बहुमूल्यनष्ट न कर दे, फिर क्या होगामेरे इन भावों

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डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता

हिंदी कविता

यहाँ पर देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता बताई गयी है डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रति निराला की कविता उगे प्रथम अनुपम जीवन केसुमन-सदृश पल्लव-कृश जन के । गंध-भार वन-हार ह्रदय के,सार सुकृत बिहार के नय के । भारत के चिरव्रत कर्मी हे !जन-गण-तन-मन-धन-धर्मी हे ! सृति से संस्कृति के पावनतम,तरी

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डिजेन्द्र कुर्रे के सर्वश्रेष्ठ 5 माहिया छंद

हिंदी कविता

यहाँ पर डिजेन्द्र कुर्रे के सर्वश्रेष्ठ 5 माहिया छंद प्रस्तुत हैं माहिया छंद -भारत की माटी पूजा की आरत हैं,समता है जिसमें….यह मेरा भारत है हो स्वर्ग हिमालय सा,हृदय रहे अपना…कैलाश शिवालय सा पावन परिपाटी हैंचंदन के जैसाभारत की माटी है प्यासे समशिरो कोचाह चलाने कीभारत के वीरों को रक्षक जो सीमा केवह भी बेटे

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गजानन माधव मुक्तिबोध के लोकप्रिय कविता

समाज और यथार्थ

गजानन माधव मुक्तिबोध के लोकप्रिय कविता भूल ग़लती / गजानन माधव मुक्तिबोध भूल-ग़लतीआज बैठी है ज़िरहबख्तर पहनकरतख्त पर दिल के,चमकते हैं खड़े हथियार उसके दूर तक,आँखें चिलकती हैं नुकीले तेज पत्थर सी,खड़ी हैं सिर झुकाएसब कतारेंबेजुबां बेबस सलाम में, अनगिनत खम्भों व मेहराबों-थमेदरबारे आम में। सामनेबेचैन घावों की अज़ब तिरछी लकीरों से कटाचेहराकि जिस पर

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