विश्व विकलांगता दिवस पर लेख
समाज और यथार्थविकलांगता कोई अभिशाप नहीं है बल्कि विकलांग जिसे अब दिव्यांग कहा जाता है हमारी तरह मनुष्य हैं।
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विकलांगता कोई अभिशाप नहीं है बल्कि विकलांग जिसे अब दिव्यांग कहा जाता है हमारी तरह मनुष्य हैं।
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एक दिव्यांग अपनी दिव्यांगता को कमजोरी नहीं बल्कि आत्म बल साहस बना सबको एक नई दिशा देता है और नित आगे बढ़ता है
हूँ तन से दिव्यांग मन से नहीं-(विश्व दिव्यांग दिवस विशेष) Read More »
2 December Slavery Abolition Day
2 दिसम्बर दासता उन्मूलन दिवस पर लेख Read More »
नानक पर कविता-अलामा मुहम्मद इकबाल कौम ने पैग़ामे गौतम की ज़रा परवाह न कीकदर पहचानी न अपने गौहरे यक दाना की आह ! बदकिसमत रहे आवाज़े हक से बेख़बरग़ाफ़िल अपने फल की शीरीनी से होता है शजर आशकार उसने कीया जो ज़िन्दगी का राज़ थाहिन्द को लेकिन ख़याली फ़लसफ़े पर नाज़ था शमएं-हक से जो
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गुरू नानक शाह-नज़ीर अकबराबादी हैं कहते नानक शाह जिन्हें वह पूरे हैं आगाह गुरू ।वह कामिल रहबर जग में हैं यूँ रौशन जैसे माह गुरू ।मक़्सूद मुराद, उम्मीद सभी, बर लाते हैं दिलख़्वाह गुरू ।नित लुत्फ़ो करम से करते हैं हम लोगों का निरबाह गुरु ।इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह
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गुरु नानक-मैथिलीशरण गुप्त मिल सकता है किसी जाति कोआत्मबोध से ही चैतन्य ;नानक-सा उद्बोधक पाकरहुआ पंचनद पुनरपि धन्य ।साधे सिख गुरुओं ने अपनेदोनों लोक सहज-सज्ञान;वर्त्तमान के साथ सुधी जनकरते हैं भावी का ध्यान ।हुआ उचित ही वेदीकुल मेंप्रथम प्रतिष्टित गुरु का वंश;निश्चय नानक में विशेष थाउसी अकाल पुरुष का अंश;सार्थक था ‘कल्याण’ जनक वह,हुआ तभी
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गुरु नानक देव जी (१५ अप्रैल १४६९–२२ सितम्बर १५३९) सिख धर्म के संस्थापक थे । उनका जन्म राय भोइ की तलवंडी (ननकाना साहब) में हुआ, जो कि पाकिस्तान के शेखूपुरे जिले में है । उन के पिता मेहता कल्याण दास बेदी (मेहता कालू) और माता तृप्ता जी थे । उनकी बड़ी बहन बीबी नानकी जी थे । उनका विवाह माता सुलक्खनी जी के साथ हुआ । उनके दो पुत्र बाबा श्री चंद जी और बाबा लखमी दास जी थे । १५०४ में वह बीबी नानकी जी के साथ सुलतान पुर लोधी चले गए, जहाँ उन्होंने कुछ देर नवाब दौलत खान लोधी के मोदीखाने में नौकरी की । उन्होंने भारत समेत दुनिया के कई देशों की चार लम्बी यात्राएं (उदासियाँ) भी कीं । उन्होंने कुल ९४७ शब्दों की रचना की । उन की प्रमुख रचनायें जपु(जी साहब), सिध गोसटि, आसा दी वार, दखनी ओअंकार आदि हैं।
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गुरु नानक जयंती पर बधाई सन्देश
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जय जय गुरु नानक प्यारे जय जय गुरु नानक प्यारे ।जय जय गुरु नानक प्यारे ॥तुम प्रगटे तो हुआ उजालादूर हुए अँधियारे ॥जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ जगत झूठ है सच है ईश्वरतुमने ही बतलाया ।वेद पुरान कुरान सभी कासार हमें समझाया ।पावन ‘गुरुवाणी’ से हरतेसब अज्ञान हमारे ॥जय जय गुरु नानक प्यारे ॥
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कंप्यूटर सुरक्षा का दिवस कंप्यूटर की सुरक्षा , होती है राष्ट्र की उन्नति । थोड़े से लापरवाही में, देखो हो जाये ना क्षति । कर रही आगाह ,कंप्यूटर सुरक्षा का दिवस । आज मानव को बड़े खतरे, जो होते वायरस । मनीभाई नवरत्न कंप्यूटर सुरक्षा दिवस 30 नवंबर को सूचना के संरक्षण के अंतर्राष्ट्रीय दिवस
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स्वच्छ भारत➖➖➖➖➖रचनाकार- महदीप जंघेलविधा- गीत (स्वच्छता गीत) स्वच्छता की ज्योति जलाना है।भारत को स्वच्छ बनाना है।।सब लोगो को समझाना है।भारत को स्वच्छ बनाना है।। शौच खुले में न जाओ ,गन्दगी कहीं न फैलाओ।जो भी खुले में जाता है,कई बीमारियों को बुलाता है।।पर्यावरण स्वच्छ बनाना है,शौचालय में ही जाना है।।स्वच्छता की ज्योति………. कूड़ा कचरा न फैलाना,बीमारियों
तुम हो आकाश,मैं हूं धरती नज़र उठा कर सभी ने देखा तुम्हेऔर हमेशा सेसभी ने रौंदा मुझे मिलना चाहा जब-जब तुमनेमिले तुम तब-तब मुझसे कभी बारिश बन करकभी आंधी बन करकभी चांदनीतो कभी धूप बन करमगर मैं रही वहीँ हमेशा ही जब हुए तुम खफातो वो भी दिखला दियाकभी बिजली बन कर गरजेकभी ढा दिया