8 सितम्बर विश्व साक्षरता दिवस

हिन्दी कविता: अब तो पाठ पढ़ाना है
KAVITA BAHAR LOGO

हिन्दी कविता: अब तो पाठ पढ़ाना है

अब तो पाठ पढ़ाना है ★★★★★★★★★ फिर सीमा में आ जाए तो, गलवान को याद दिलाना है। दुस्साहस कर न सके वह, ऐसी सबक सिखाना है। ए वीर जवानों सुन लो, सबको यह बताना है। कब तक चीनी विष घोलेंगे, अब तो पाठ पढ़ाना है। प्राण जाय पर वचन न जाय, ऐसी कसम जो खाना है। थर थर काँप उठे रूह उनका, ऐसी सजा दिलाना है। कलाम की परमाणु याद दिला दो, बासठ का अब नही जमाना है। कब तक चीनी विष घोलेंगे, अब तो पाठ पढ़ाना है। ★★★★★★★★★★★★ रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.) मो. 8120587822

टिप्पणी बन्द हिन्दी कविता: अब तो पाठ पढ़ाना है में

किताब की महत्ता पर रमा की कविता

रमा के रमणीय बोल 06/06/2020 *किताब*नित किताब को मनुज पढ़, करले अर्जित ज्ञान।दिव्य आचरण तब बने, मिले जगत सम्मान।।सारे किताब श्रेष्ठ हैं, करना मत तू मोल।शिक्षित होने के लिए, दिव्य…

0 Comments

हिन्दी कविता: सीसीई (सतत् व्यापक मूल्यांकन) – मनीभाई नवरत्न

सतत व्यापक मूल्यांकन पर आधारित कविता, जिसे मैंने सन् 2013 में विज्ञान प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर बनने के दौरान लिखा था ताकि शिक्षकों को सतत व्यापक मूल्यांकन की उपयोगिता पता चल सके.

0 Comments