कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली

विरह और दर्द

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली,झोली सबकी तु भर दे वो माता मेहरावाली,नौ दिन का ये त्योहार लगे बडा ही प्यारा,तुमसे सबकी मैया नाता बडा ही न्यारा,प्रेम सुधा बरसा दे तु लाल चुनरियाँ वाली,दुख दर्द सभी—————–बडी निराली मैइया दुख सबके हर लेती है,पार […]

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली Read More »

यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होना

Uncategorized

यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होना यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होनाशौहरत हाँसिल गर हो तो मग़रूर नहीं होनालाख फाँसले तेरे मेरे दरमियाँ क्यों न होनज़र की दूरी सही लेकिन दिल से दूर नहीं होनाख़ाली हाथ हम आए थे खाली ही जाना हैदौलत के नशे में कभी भी चूर

यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होना Read More »

बाँसुरी बजाये गिरधारी

Uncategorized

बाँसुरी बजाये गिरधारी बाँसुरी बजाये गीरधारी ब्रज में भीड़ भारी ।सखी संग नाचे वृषभानु दुलारी ब्रज में भीड़ भारी। बाँसुरी की धुन पे कान्हा गौ भी झूमेकदम की डाली मोहन तेरी पलकें चूमेसाथ गाये कोयलीया काली ब्रज में भीड़ भारी ।बाँसुरी बजाये गिरधारी ब्रज मे भीड़ भारी । कमल के फूल माधव चरण को छुएयमुना

बाँसुरी बजाये गिरधारी Read More »

कब कैसे क्या बोले ?

हिंदी कविता

कब कैसे क्या बोले ? वाणी एक दुधारू तलवार की तरह है।उचित प्रयोग करे तो अच्छा,नहीं तो बुरा।अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।ज्ञान की बात को सहेजकर रखते है।कब कैसे क्या बोले पता नहीं।जुबान फिसली तो रुका नहीं।मन को शांति बनाकर रखिए।होठों से मुस्कान प्रेम से बोलिए।छोटी सी जीभ,बड़े बड़े कहर ढा दे।लड़ाई झगड़े छोड़के,

कब कैसे क्या बोले ? Read More »

कर्मठता की जीत

हिंदी कविता

कर्मठता की जीत स्वाभिमान मजबूत है , पोषण का है काज ।बैठ निठल्ला सोचता ,  बना भिखारी आज ॥लाचार अकर्मण्यता , मंगवा रही भीख ।काज बिना कर के करे , कुछ तो उससे सीख ॥आलसी लाचार बने , करे गलत करतूत ।कर्मठता सबसे बड़ी , कर देती मजबूत ॥मिलता है मेहनत से , जब भर

कर्मठता की जीत Read More »

आओ सब मिल कर संकल्प करें

हिंदी कविता

आओ सब मिल कर संकल्प करें आओ सब मिल कर संकल्प करें।चैत्र शुक्ल नवमी है कुछ तो, नूतन आज करें।आओ सब मिल कर संकल्प करें॥मर्यादा में रहना सीखें, सागर से बन कर हम सब।हम इस में रहना सिखलाएं, तोड़े कोई इसको जब।मर्यादा के स्वामी की, धारण यह सीख करें।आओ सब मिल कर संकल्प करें॥मात पिता

आओ सब मिल कर संकल्प करें Read More »

हां मै कवि हूं

हिंदी कविता

हां मै कवि हूं  जीने की राह दिखाता हूं।अपनी लेख से,लोगो को जगाता हूं।हा मै कवि हूं………रूठे मन को मनाता हूं।हास्य कविता लिखकरआम जनों को हसाता हूं।हां मै कवि हूं………कभी प्रकृति सौंदर्य।कभी श्रृंगार रस पर,नारी का वर्णन करता हूं।हां मै कवि हूं………अदम्य पराक्रम ।साहसी वीरता पर,सैनिकों की गाथा लिखता हूं।हां मै कवि हूं………रंग बिरंगी होली

हां मै कवि हूं Read More »

नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर

हिंदी कविता

नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर त्याग और अहिंसा की मूर्ति है महावीर।क्षमा और करूणा का सागर है महावीर।दर्शन ज्ञान चरित्र की ज्योति है महावीर।‘रिखब’का नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर!राजा सिद्धारथ के घर जन्में,माता जिसकी त्रिशला रानी।तीर्थंकर प्रभु की याद दिलाने,आई प्यारी महावीर जयन्ति।चैत्रशुक्ल दिन त्रयोदशी आया,कुण्डलपुर नगरी अानंद छाया।दिव्य स्वरूप धरती पर आया,जन्मदिवस का उत्सव मनाया।राजमहल में

नमन हे विश्ववन्दनीय महावीर Read More »

पाँच वर्ष का है त्यौहार

नारी जीवन और संवेदना

पाँच वर्ष का है त्यौहार लोकतंत्र का रखना मान।जाकर करना तुम मतदान।पाँच वर्ष का है त्यौहार।चुन लेना अपनी सरकार।मत आना लालच में आप।वोट बेंचना होता पाप।सुधरे भारत की हालात।संसद भेजो रखने बात।लालच में आकर ना खोय।मत अपनी जस बेटी होय।पहनो या पहना लो ताज।सुंदर हो भारत का राज।संविधान देता अधिकार।जाने भारत को संसार।नर नारी सब

पाँच वर्ष का है त्यौहार Read More »

मैं भुंइया अंव

हिंदी कविता

मैं भुंइया अंव बछर- बछर ले पानी पीएव ,मोर कोरा के सुखला भोगेव,रोवत हे तुंहर महतारी ,मोर लइका मन अब तो चेतव,सब के रासा -बासा मोर संग,मैं जग के सिरजइया अंव।मैं भुंइया अंव, मै भुंइया अंव।मोर कोरा मा उपजेव खेलेव,जिनगी के रद्दा ला गढ़ेव।तुंहर बर मैं हाँसेव रोएंवकुटका -कुटका तन ला करेंव।हिरदे मा पीरा ल

मैं भुंइया अंव Read More »

पिरामिड विधा पर रचना

हिंदी कविता

हनुमत पिरामिड हेवायुतनयहनुमान दे वरदान रहें खुस हाल प्रभू  हर हाल में । हेदुखःहर्ता हेबजरंगीराम दुलारे भक्तन पुकारे हे कष्ट विनाशक। माँसीता को प्यारेले-मुदृकासमुद्र लांधे सिया सुधि लायेभक्तन हितकारी । श्रीराम छपतेलंका जला दानव   दलसंहार  करकेबाग उजारे प्रभू। लेवैद सुखेन संजीवनी लेकर आयेप्राण  लक्ष्मण केबचाये     बजरंगी । हेदेवमनायेतुम्हें रक्षाकरो जगतभव ताप हरो हे नाथ  महाबली

पिरामिड विधा पर रचना Read More »

चैत्र शुक्ल में मनाएं नवरात्रि त्यौहार

नारी जीवन और संवेदना

चैत्र शुक्ल में मनाएं नवरात्रि त्यौहार चैत्र शुक्ल में मनाएं ,नवरात्रि त्यौहार ।सुख वैभव भरपूर ,खुशियां मिले अपार ।। प्रथम दिवस शैलपुत्री कुँवारी कन्या माता ।पूजा करने वाला सुख-सम्पति पाता ।। ब्रह्मचारिणी देवी है, स्त्री रूप में गुरु ।ज्ञान आनंद की दात्री पावन होती रूह ।। चंद्रघंटा के दशो भुजाओं में अस्त्र ।सिंह सवार होकर

चैत्र शुक्ल में मनाएं नवरात्रि त्यौहार Read More »

Scroll to Top