अमित अनुभूति के दोहे
हिंदी कविताअमित अनुभूति के दोहे लिखने वाला लिख गया, उल्टे सीधे छंद।बिना पढ़े कहते सभी, रचना बहुत पसंद।~1 कविता लेखन थोक में, मनमर्जी के संग।शब्द शिल्प आहत हुए, भाव बड़ा बेढंग।~2 सृजनहार समृद्ध कहाँ, सुलझे नहीं विचार।कविताई के नाम पर, करता है व्यापार।~3 तुकबंदी करता फिरे, जीवन भर षटमार।यत्र-तत्र छपने लगा, बनके रचनाकार।~4 नालायक नायक बना,
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