शिवाजी : मेरे आदर्श पुरुष – मनीभाई नवरत्न
आध्यात्म और भक्ति, हिंदी कविताशिवाजी : मेरे आदर्श पुरुष (अतुकांत कविता) भारत की धरा परजब अन्याय का अंधेरा गहराता गया,जब धर्म, संस्कृति और आत्मगौरवजकड़नों में सिसकने लगे—तभी उठे एक प्रकाश-पुरुष,एक ज्योति जो दिशा भी बनी और संघर्ष भी।यह ज्योति थी—मेरे आदर्श पुरुषछत्रपति शिवाजी महाराज। उनका जन्म शिबनेरी के किले में हुआ—पर वे किले की दीवारों तक सीमित न रहे।जीजामाता […]
शिवाजी : मेरे आदर्श पुरुष – मनीभाई नवरत्न Read More »
