यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर ०भुवन बिष्ट के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

नव वर्ष की शुभकामना
नव वर्ष की शुभकामना

नव वर्ष की कविता 2022

नव वर्ष की कविता शुभ आगमन हे नव वर्ष शुभ आगमन हे नव वर्षशुभ आगमन हे नव वर्षवंदन अर्चन हे नूतन वर्षअभिनंदन हे नवागत वर्षनतमस्तक नमन हे नव्य वर्ष। खुशियों…

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14 सितम्बर हिन्दी दिवस 14 September Hindi Day
14 सितम्बर हिन्दी दिवस 14 September Hindi Day

हिन्दी हमारी शान – भुवन बिष्ट

हिन्दी हमारी शान 14 सितम्बर हिन्दी दिवस 14 September Hindi Day हिन्दी न केवल बोली भाषा,                         ये हमारी शान है।मातृभाषा …

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आया रंगो का त्यौहार – भुवन बिष्ट

आया रंगो का त्यौहार - भुवन बिष्ट   होली के रंग अबीर से।आओ बाँटें मन का प्यार।।खुशहाली आये जग में।है आया रंगों का त्यौहार।।            रंग भरी पिचकारी से अब।            धोयें…

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जय जय वीणाधारी

जय जय वीणाधारी जय जय वंदन वीणाधारी।सुन लो माता विनय हमारी ।।          सच राह सदा साहस पाऊँ।           नित नित माता के गुण गाऊँ।।मातु ज्ञान की तुम हो सागर।ज्ञान जगत में…

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जय जय वरदानी

जय जय वरदानी जयति मातु जय जय वरदानी।सब जग पूजे मुनि जन ज्ञानी।।नित नित ध्यान करूँ मैं माता।तुम सब जन की भाग्य विधाता।। मातु ज्ञान की तुम हो सागर।जगत ज्ञान…

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भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं

भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं मिलकर आओ जग में हम सब,                    भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।….माँ भारती के सब भारतवासी ,                     सदा सदा गुण गाते हैं।।जब आजादी की अलख जगी,                  …

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हिन्दी हमारी शान

हिन्दी हमारी शान हिन्दी न केवल बोली भाषा,                         ये हमारी शान है।मातृभाषा  है  हमारी,                           ये बड़ी महान है।।........चमकते तारे आसमां के ,                           हैं भारत के वासी हम।कोई…

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सुप्रभात वंदन -नमन वंदन वीणावादनी

सुप्रभात वंदन -नमन वंदन वीणावादनी नमन वंदन वीणावादनी,                 सुर नर मुनि जन पूजे ज्ञानी। वाणी में विराजती माता,                  माँ  शारदे  बड़ी  वरदानी।। राह सच जो चलता हमेशा,                 …

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भुवन बिष्ट की वंदन रचना

भुवन बिष्ट की वंदन रचना नव दीप जले हर मन में,          अब तो भोर हुई हुआ उजियारा।लगे विहग धरा में चहकने,          रवि किरणों से जग सजे सारा।।बहे पावन सरिता का…

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