15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता : भारत का स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष १५ अगस्त को मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं। विकिपीडिया

2 दिसम्बर दासता उन्मूलन दिवस पर लेख

समाज और यथार्थ, ,

2 December Slavery Abolition Day

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जब तक तन में प्रान

हिंदी कविता

करो लोकहित तुम मनुज जब तक तन में प्रान देश सदा उन्नति करे ,मन में लेना ठान ।करो लोकहित तुम मनुज ,जब तक तन में प्रान ।। है स्वतंत्र यह देश है ,बनो नहीं अंजान ।निर्भर होना छोड़ तू,इसकी बन पहचान ।। जाति-पाति के भेद से ,रहो सदा ही दूर ।एक देश के लाल हो

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mahapurush

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान

हिंदी कविता

जो भारत मां के प्यारे हैं -शिवराज चौहान *कलम तू बोल जय उनकी,* *जो भारत मां के प्यारे हैं।**वो सूरज हैं वो चंदा हैं,* *वो बलिदानी सितारे हैं।।*ये मिट्टी की ही खुशबू थी, उसी की थी वो मद मस्ती।उतारूं आज मैं कर्जा, लगी तब जिंदगी सस्ती।।उठाया भाल भारत का, स्वयं के शीश तारे हैं… पिलाया

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हिन्दी कविता: कारगिल विजय दिवस की गाथा

हिंदी कविता

कारगिल विजय दिवस की गाथा;-
*सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) 493558

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manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न के गीत

समाज और यथार्थ,

मनीभाई नवरत्न के गीत ओ मतवाले अपनी जिंदगी को मौत से मिला ले ।ओ मतवाले ओ दिलवाले।खुद को कर दे देश के हवाले ।ओ मतवाले ओ दिल वाले ।। ये मिट्टी हमारी जन्नत है ।ये मिट्टी हमारी दौलत है ।ये खुशहाल रहे, ये मालामाल रहेयही हमारी मन्नत है । इस मिट्टी पर हम अपना शीश

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mahapurush

जलियांवाला बाग की याद में कविता

नारी जीवन और संवेदना

जलियांवाला बाग की याद में कविता जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को सलाम।अमर कुर्बानी का पावन अमृतसर शुभ धाम।।तड़ातड़ चली थी निहत्थों पर अनगिनत गोलियां।कसूर था बस बोल रहे थे इंकलाब की बोलियाँ।।जनरल डायर की बर्बरता की चली थी अंधाधुंध गोलियां।महिलाओं बच्चों पर खेली गई खून की होलियां।।निर्दयी जनरल डायर को तनिक भी दया नहीं

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mera bharat mahan

शृंगार छंद विधान

हिंदी कविता

शृंगार छंद विधान श्रेष्ठ हो मेरा हिन्दुस्तान आरती चाह रही है मात।भारती अंक मोद विज्ञात।सैनिको करो प्रतिज्ञा आज।शस्त्र लो संग युद्ध के साज। विश्व मानवता हित में कर्म।सत्य है यही हमारा धर्म।आज आतंक मिटाना मीत।विश्व की सबसे भारी जीत। पाक को पाठ पढाओ वीर।धारणा में बस रखना धीर।भावना देश हितैषी पाल।कूदना बन दुश्मन का काल।

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मतदाता दिवस पर कविता

नारी जीवन और संवेदना,

मतदाता दिवस पर कविता अच्छे नागरिक के कर्तव्य निभाए,राष्टीय मतदाता दिवस मनाए।मानव को जागरूक बनाए,नव मतदाता के नाम जुड़वाए। युवा पीढ़ी को आगे लाएं,स्वतंत्र रूप से वोट कराए।लोकतंत्र के पर्व मनाएं,शत प्रतिशत मतदान कराए। एक वोट भी रह न पाए,आओ ये करके दिखाए।जन जन को समझाए,वोट का अधिकार दिलाए।~~~~~~~~~~~~~~~~रचनाकार-डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)मो. ‌8120587822 मतदाता जागरूकता

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mera bharat mahan

स्वदेशी पर कविता

हिंदी कविता

स्वदेशी पर कविता इंग्लिस्तानी छोड़ सभ्यता,अपनाओ देशीहिंदुस्तानी रहन-सहन हो,छोड़ो परदेशी। वही खून फिर से दौड़े जो,भगतसिंह में था,नहीं देश से बढ़कर दूजा, भाव हृदय में था,प्रबल भावना देशभक्ति की,नेताजी जैसी,इंग्लिस्तानी छोड़ सभ्यता,अपनाओ देशीहिंदुस्तानी रहन-सहन हो,छोड़ो परदेशी। वही रूप सौंदर्य वही हो,सोच वही जागे,प्राणों से प्यारी भारत की,धरती ही लागे,रानी लक्ष्मी रानी दुर्गा सुंदर थी कैसी,इंग्लिस्तानी

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mera bharat mahan

देशप्रेम पर कविता-कन्हैया साहू अमित

हिंदी कविता

देशप्रेम पर कविता देशप्रेम रग-रग बहे, भारत की जयकार कर। रहो जहाँ में भी कहीं, देशभक्ति व्यवहार कर। मातृभूमि मिट्टी नहीं, जन्मभूमि गृहग्राम यह।स्वर्ग लोक से भी बड़ा, परम पुनित निजधाम यह।जन्म लिया सौभाग्य से, अंतिम तन संस्कार कर।-1रहो जहाँ में भी कहीं, देशभक्ति व्यवहार कर। वीरभूमि पैदा हुआ, निर्भयता पहचान है। धरती निजहित त्याग

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