कात्यायनी माँ पर कविता
हिंदी कविताकात्यायनी माँ पर कविता माता दानव घातिनी , हरो सभी के पाप।होय दूर माँ जगत के , रोग शोक संताप।।रोग शोक सन्ताप , माता हे कात्यायनी।कालहारिणी अम्ब , आदि शक्ति वरदायनी।।कहताकवि करजोरि,मात के गुण जो गाता।करती संकट दूर , हे भवतारिणी माता।।????अम्बे हे कात्यायनी , करती है भव पार।मात भवानी चण्डिका , देवी सिंह सवार।।देवी
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