कविता बहार

मिला जो आशियाना

हिंदी कविता

मिला जो आशियाना मिला जो आशियानावह सर्द रातों में ठिठुरताआसरा ढूंढता पेड़ो के नीचेपेड़ भी तो टपक रहे हैंचीथड़े खोजता अपने लिएजिससे ढक सकेकम्पित बदन कोमसृण पात…बैरी बनेएक बूंद ….एक शीतल बूंदसिहरन पैदा करती अंतर तकश्वान से सटकरहल्की गर्माहट महसूस करताघुटने भी सिकुड़कर ,छू रहे चिबुक कोसांसो की भाप से तपाता,हस्त,नेत्रों कोनींद तो कहाँ?गुजर जाये […]

मिला जो आशियाना Read More »

मुरली पर कविता

Uncategorized

मुरली पर कविता मुरली रे मुरली तूने ऐसा कौन सा काम किया है ।खुस होकर कान्हा ने तुझे अधरों पे थाम लिया  है।मुरली  बोलो न  मुरली बोलो नतेरी  किस्मत सबसे निराली कान्हा ने अपनाया ।कान्हा के अधरों पे सजी है कोई  समझ न पाया ।कान्हा की प्यारी हो——-कान्हा की प्यारी बन कर तूने जग में 

मुरली पर कविता Read More »

विजय पर कविता

हिंदी कविता

विजय पर कविता जिस जीवन में संघर्ष न होविजय उसे नहीं मिल सकतीतेजस्वी वीर पुरुष के आगेअरिसेना नहीं टिक सकती।ललकार दो शत्रु को ऐसी तुमपर्वत का सीना टकराएसाहस हृदय में प्रबल रखोरिपु का मस्तक भी झुक जाए।सरहद पर दुश्मन बार-बारमाँ को आहत कर जाते हैंदुश्मन की ईंट बजाकर लालविजय पताका फहराते हैं।नित जूझते हैं संघर्षों

विजय पर कविता Read More »

विश्वास अपेक्षा महत्व पर कविता

हिंदी कविता

विश्वास अपेक्षा महत्व पर कविता १.विश्वास सफल रिश्ते का साँस है विश्वासविश्वास की नींव परसंसार टिका है साहबकर विश्वास हर शख्स पर,पर खुद से ज्यादान करो कभी किसी पर विश्वास। २.अपेक्षा अपेक्षा रखते हैं बहुत हमकितने लोगों से किस हद तकअपेक्षाएं रिश्तों को बाँधती हैंपर जरुरत से ज्यादान रखो किसी से अपेक्षा। ३.महत्व तुच्छ से

विश्वास अपेक्षा महत्व पर कविता Read More »

आया है मधुमास- कुण्डलियाँ

हिंदी कविता

आया है मधुमास *भँवरे गुंजन कर रहे, आया है मधुमास।**उपवन की शोभा बनें, टेसू और पलाश।**टेसू और पलाश, संग में चंपा बेला।**गेंदा और गुलाब, सजा रंगों का मेला।**फुलवारी अरु बाग, बसंती रँग में सँवरे।**पी कर नव मकरंद, गुँजाते बगिया भँवरे।।1* *पी कर जब मकरंद को, भ्रमर बैठते फूल।**वह पराग को  छोड़ते, मौसम के अनुकूल।**मौसम के

आया है मधुमास- कुण्डलियाँ Read More »

भँवरा

हिंदी कविता

भँवरा मधु का अभिलाषी भँवराकरे मधुऋतु का इंतजारभर गई नव मुकुल गागरीचहुँ ओर चली है मंद बयार।पुष्प-पुष्प पर भ्रमर मंडराएगीत नव मिलन गुनगुनाएमकरंद भरी मंजरी हृदय परचिरंतन सुख मधुप को भाए।यौवन छा गया कुसुमों परमहकी कोंपल पुष्पों की डालीरसपान करे  मदमत्त हो भंवराकोकिल हो उठी है मतवाली।चिरप्रतीक्षित मकरंद पिपासातृप्त भ्रमर नवजीवन पायामधुरस के असीम आनंद

भँवरा Read More »

भावासक्ति

हिंदी कविता

भावासक्ति जब तुमसे श्याम भजन होगा ।तब यह काया प्रिय धन होगा ।।रुप धन को  गर्व हित सँभाला ।मन  मदिरा  पीकर   मतवाला ।।रस  रसना  के  वश  रहता  है ।पर  तिय  माता तन तकता है ।।निज  तन  में  गंध  गरजता है ।मन  सुख  आराम  तरसता है ।।हरि  चरणों से  लगन  करो  रे ।जगत  सहारा  जतन  करो 

भावासक्ति Read More »

मेरी सोच

हिंदी कविता

   मेरी सोच तुम्हारी सोच से अलगमेरी सोचतुम्हारे विचारों से जुदामेरी भावनाएँतुम्हारे रक्त से भिन्नमेरे खून का रंगऔर ….तुम्हारे चेहरे के विपरितमेरी परछाई का कदइस विश्व के उस पार भीकोई दुनिया बसती हैइस ब्रह्माण्ड से दूरबहुत दूर ….जहाँ कोई मसीहा रहता हैऔर जहाँ ….अनाज और रोटियों काभंडारा सा लगा रहता हैकल-कल निर्मल जल काएक दरिया सा

मेरी सोच Read More »

बेटियाँ

नारी जीवन और संवेदना

बेटियाँ बेटियां प्रकृति की देन है,बेटियां देवदूत,देव कन्याएँ है,कोमल इनकी भावनाएँ है,बेटियां अप्सराएँ है,लक्ष्मी, सरस्वती, सावित्री  है।बेटियां अन्नपूर्णा सी उपमाएँबेटियां वेदों सी पवित्र है,बेटियां संस्कारो की धरोहर है,बेटियां नव निर्माण की कल्पनाएँ ,बेटियां  ईश्रवर का लेख है।बेटियां खिलती कलियां है,बेटियां संस्कृति की परिचारक है,बेटियां संस्कारो की धरोहर है,बेटियां ज्ञान की सहस्त्र धाराएं है,बेटियां नव निर्माण

बेटियाँ Read More »

समय पर कविता -डॉ. पुष्पा सिंह’प्रेरणा

प्रेरणा और सकारात्मकता

समय पर कविता तेरे पाँवों की जंजीरों को,पाजेब बना दूँ !हथकड़ियाँ तोड़ हथेलियों में,मेहंदी रचा दूँ !नाजुक कलाइयों में रंगीन,चूड़ियाँ खनका दूँ!माथे की शिकन पर,झिलमिल बिंदिया सजा दूँ ! हे कर्मशील स्त्री आ तुझे,वनिता बना दूँ!न घबरा,भयभीत न हो,न भूल अपनी शक्ति को,न खामोशी से सहती रह,जोर जबरदस्ती को! आ चल साथ मेरे,तुझसे तेरी पहचान

समय पर कविता -डॉ. पुष्पा सिंह’प्रेरणा Read More »

गिरिराज हिमालय

हिंदी कविता

गिरिराज हिमालय      भारत का हिमगिरि प्रहरी हैरजतमयी  अनमोल  ताज।युग- युग तक  कृतज्ञ  रहेगा,भरतखण्ड का  महा राज।अहो भाग्य है  इस भारत के,जहां हिमालय अडिग खडा।शीश  उठाये गिरवर निर्भय,स्वाभिमामान से धीर लडा़।गंगा  उद् गम गिरिवर से है,मूल दिव्य  औषधियों का।इसके अंक में पुरी विशाला,आराध्य देव है मुनियों का।अभेघ्य दुर्ग  है महा हिमाल़य,सदियों  से  रक्षा     करता।कोई दुश्मन 

गिरिराज हिमालय Read More »

Maa Durga photo

सिंगार भजन /केवरा यदु “मीरा “

हिंदी कविता

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं।शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। सिंगार भजन /केवरा यदु “मीरा “ सिंगार भजन सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो

सिंगार भजन /केवरा यदु “मीरा “ Read More »

Scroll to Top