कविता बहार

राष्ट्रीय एकता दिवस पर कविता (19 नवम्बर)

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

हम सब भारतवासी हैं निरंकारदेव ‘सेवक’ हम पंजाबी, हम गुजराती, बंगाली, मदरासी हैं, लेकिन हम इन सबसे पहले केवल भारतवासी हैं। हम सब भारतवासी है ! हमें प्यार आपस में करना, पुरखों ने सिखलाया है, हमें देश-हित, जीना मरना पुरखों ने सिखलाया है। हम उनके बतलाये पथ पर, चलने के अभ्यासी हैं। हम बच्चे अपने […]

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जवाहरलाल नेहरू

बाल-दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, समाज और यथार्थ,

बाल-दिवस पर कविता आ गया बच्चों का त्योहार/ विनोदचंद्र पांडेय ‘विनोद’ सभी में छाई नयी उमंग, खुशी की उठने लगी तरंग, हो रहे हम आनन्द-विभोर, समाया मन में हर्ष अपार ! आ गया बच्चों का त्योहार ! करें चाचा नेहरू की याद, जिन्होंने किया देश आजाद, बढ़ाया हम सबका, सम्मान, शांति की देकर नयी पुकार

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गरीबी उन्मूलन दिवस पर कविता (17 अक्टूबर)

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

गरीबी उन्मूलन दिवस पर कविता गरीबी से संग्राम आचार्य मायाराम ‘पतंग’ चलो साथियों! हम सेवा के काम करें। आज गरीबी से जमकर संग्राम करें। यह न समझना हमें गरीबी थोड़ी दूर हटानी है। अपने आँगन से बुहारकर नहीं पराए लानी है। एक शहर से नहीं उठाकर दूजे गाँव बसानी है। करें इरादा भारतभर से इसकी

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चालान- धनेश्वर पटेल

हिंदी कविता

चालान एक दिन निकले हम सैर परतो हेलमेट लगाना भूल गएहुआ हादसा कुछ ऐसा किफटफटिया चलाना भूल गए!स्पीड बढ़ी कांटा लटका दूसरी छोरहम समझ थे अपने बाप की रोड़बुलेट घुमाई और मुड़े घर की ओरट्रैफिक पुलिस खड़ी थी दूसरी ओरउनकी नजरों ने हमें देखाइन सहमी नजरों ने उन्हें देखादेख भागते जोर की सीटी बजाईपकड़े तो

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मुस्कुराकर चल मुसाफिर / गोपालदास “नीरज”

हिंदी कविता

मुस्कुराकर चल मुसाफिर / गोपालदास “नीरज” पंथ पर चलना तुझे तो मुस्कुराकर चल मुसाफिर! वह मुसाफिर क्या जिसे कुछ शूल ही पथ के थका दें?हौसला वह क्या जिसे कुछ मुश्किलें पीछे हटा दें?वह प्रगति भी क्या जिसे कुछ रंगिनी कलियाँ तितलियाँ,मुस्कुराकर गुनगुनाकर ध्येय-पथ, मंजिल भुला दें?जिन्दगी की राह पर केवल वही पंथी सफल है,आँधियों में,

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खुदा ने अता की जिन्दगी -अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

हिंदी कविता

खुदा ने अता की जिन्दगी खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेमुहब्बत के लिए क्यूं कर बैठा तू दूसरों से नफरतअपने अहम् के लिए खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेएक अदद इंसानियत के लिए ऊंच – नीच के बवंडर में उलझ गया तूताउम्र भर के लिए खुदा ने अता की जिन्दगीआशिक़ी के लिए तू मुहब्बत का

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पहला सुख निरोगी काया

नारी जीवन और संवेदना

पहला सुख निरोगी काया पहला सुख निरोगी काया,दूजा सुख घर में हो माया। तीजा सुख कुलवंती नारी,चौथा सुख पुत्र हो आज्ञाकारी। पंचम सुख स्वदेश में वासा,छठवा सुख राज हो पासा। सातवा सुख संतोषी जीवन ,ऐसा हो तो धन्य हो जीवन।

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गुस्से पर कविता

हिंदी कविता

गुस्से पर कविता कौन है जिसको गुस्सा आता नहीं,कौन है जो गुस्से को दबाता नहीं! जिंदगी में जिसने ना गुस्सा किया,देवता है पर खुद को बताता नहीं! जो स्वयं गुस्सा अपनी दबा लेता है,वो सच में किसी को सताता नहीं! गुस्से से हानि-हानि केवल हानि है,बिन विकारों के ये फिर जाता नहीं! जीवन में हंसना

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रामधारी सिंह दिनकर / श्याम कुँवर भारती

हिंदी कविता

पूर्णिका _ दिनकर जैसा । हिंदी है हिंद का हृदय कोई आज ये सोचता है क्या।हिंदी बांधती है राष्ट्र को एक सूत्र कोई मानता है क्या। कलम में खूब जान डाल दे रचना में सभी रंग भर दे।रामधारी सिंह दिनकर जैसा कोई लिखता है क्या। जो लिख दिया पहचान बन गई देश की शान बन

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हिम्मत पर कविता (सरसी छन्द)

हिंदी कविता

हिम्मत पर कविता (सरसी छन्द) हिम्मत रखना निशदिन मानव,जाना प्रभुके पास।गर खोयेगा तू हिम्मत को,टूट जायगी आस। धीरज मन में धारण करना,पाना मंजिल खास।निश दिन हमको बढना होगा होना नहीं निराश। कठिन परिश्रम करना सबको,मुश्किल होय हजार।जबतक लक्ष्य न मिलता हमको,जीवन है निस्सार। जिस दिन तुमने हिम्मत खोई,होगा तू लाचार।भटक मरेगा इस जग प्यारे,जीवन है

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श्री विष्णु अवतार विश्व कर्मा पर हिंदी कविता

हिंदी कविता

श्री विष्णु अवतार विश्व कर्मा सृष्टि रची है जिसने,किया स्वर्ण लंका का निर्माणदेख महल लंका को,रावण को हुआ था अभिमान कर्म कार थे विश्वकर्मासाक्षात बिष्णु का अवतार।छन भर में सृष्टि रचनाकर लेते‌ थे सू सुमार।। सत्रह सितम्बर प्रकट उत्सवविश्व विदित है त्योहार।जन्मदिन है आपकाहस्तकला दीजिए भगवान। कृपा दृष्टि मिले यदि आपकाकर सकूं कुछ काम।जो कुछ

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कुछ दिन जीवन बाकी है – डॉ विजय कुमार कन्नौजे

हिंदी कविता

कुछ दिन जीवन बाकी है ===============न कर गुरूर इस जगत मेंन ही कोई ठौर ठिकाना है।आया है जो इस जहां पेनिश्चय ही होना रवाना है।। बना हुआ है जो यह भ्रान्तिसारी दुनिया हमारा है।कान खोलकर सुन मुरखसबन का यहां से रवाना है।। न आयेगा कोई पास तुम्हारान कोई तुझे बचायेगा।जब तक रहेगा इस दुनिया मेंहर

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