सितारे पर कविता – माधुरी मोहिनी
हिंदी कवितासितारे पर कविता – माधुरी मोहिनी परियाँ नभ लोक धरा उतरी यह देख अचंभित है जन सारे। मुख ओज भरे चमके छड़ियाँ पर शोभित है मणि राज सितारे।। कहती सब पूरन कार्य पड़ा सुरधाम चलो शिव है बलिहारे। यह संगम का युग शेष अभी पुरुषार्थ करो चलना प्रभु द्वारे।। इस जीवन के अब हो तुम […]
सितारे पर कविता – माधुरी मोहिनी Read More »


