कविता बहार

अविनाश तिवारी की रचना

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

अविनाश तिवारी की रचना मां मंदिर की आरती मां मंदिर की आरती,मस्जिद की अजान है।मां वेदों की मूल ऋचाएं, बाइबिल और कुरान है। मां है मरियम मेरी जैसी,मां में दिखे खुदाई है।मां में नूर ईश्वर कारब ही मां में समाई है।मां आंगन की तुलसी जैसीसुन्दर इक पुरवाई है।मां त्याग की मूरत जैसीमां ही पन्ना धाई […]

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महान क्रिकेटर कपिल देव पर कविता

हिंदी कविता

महान क्रिकेटर कपिल देव पर कविता क्रिकेट के असली हीरो”कपिल देव” क्रिकेट के इतिहास में ,जिसने किया कुछ ऐसा काम।विश्वकप हासिल करके,रौशन किया देश का नाम। क्रिकेट का जुनून नहीं उस वक्त,आपने क्रिकेट के खेल को सजाया।विश्वकप का खिताब जमाकर,आपने देश का मान बढ़ाया। हर भारतीय को गर्व है आप पर,भारत माँ के लाल,विश्व क्रिकेट

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शीत ऋतु (ठण्ड) पर कविता

हिंदी कविता

यहाँ पर शीत ऋतु (ठण्ड) पर कविता दिए गये हैं आपको कौन सी अच्छी लगी , नीचे कमेंट बॉक्स पर जरुर लिखें शीत ऋतु का आगमन घिरा कोहरा घनघोरगिरी शबनमी ओस की बूंदेबदन में होने लगीअविरत ठिठुरन ओझल हुई आंखों सेलालिमा सूर्य कीदुपहरी तक भी दुर्लभहो रही प्रथम किरण इठलाती बलखातीबर्फ के फाहे बरसातीशीत ऋतु

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

मशहूर अभिनेता इरफान खान पर दोहे- राजकिशोर धिरही

हिंदी कविता

राजकिशोर धिरही द्वारा रचित मशहूर अभिनेता इरफान खान पर दोहे दोहा-इरफान फिल्मी नायक एक थे,बॉलीवुड की शान।काम किए मकबूल में,अभिनेता इरफान।। फिल्मी मेकर भी रहे,ऐसे थे फनकार।याद करें इरफान को,प्रेमी हैं भरमार।। पान सिंह तोमर सभी,करते रहते याद।अभिनय था इरफान का,देते जिस पर दाद।। कैंसर आया मौत बन,कैसे कब चुपचाप।छीन लिया इरफान को,आँसू में हम

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एक पंथ के दो पथिक

हिंदी कविता

एक पंथ के दो पथिक एक पंथ के दो पथिक सदा, आपस में टकरायेंगे |टेड़ी – मेड़ी राहें जुड़कर , उनको सदा मिलायेंगे | तन – मन पर जो ओढ़ रखा वह, चादर कितना मोटा है |अखिल विश्व ये आज सिमटकर, लगता कितना छोटा है ||उम्र काट देते हैं सारी, तू – तू मैं –

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village based Poem

चित्र आधारित कविता: गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

चित्र आधारित कविता : गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता , संपादक – आदरणीया कवयित्री रीता प्रधान जी , रायगढ़ , छत्तीसगढ़ गाँव या ग्रामीण परिवेश पर कविता मन चल उस गाँव में – प्रियदर्शनी आचार्य रवि रश्मियों का बाजिरथ, जहाँ उतरता गाँव मेंदूर क्षितिज के पार, प्रकृति की छाँव में ।मन चल उस गाँव

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इंदुरानी की कवितायेँ

नारी जीवन और संवेदना

कवयित्री इंदुरानी , स.अ, जूनियर हाईस्कूल, हरियाना, जोया,अमरोहा, उत्तर प्रदेश,244222 ,8192975925 वह भारत देश कहलाता है है विविधताओं मे एक जहाँ,वह भारत देश कहलाता है।हिन्दु ,मुस्लिम, सिख ,ईसाई जहां, आपस मे भाई-भाई का नाता है।जहाँ हाथों मे हाथ डाले सब झूमें,वहाँ तिरंगा नभ में लहराता है। मिल खिलाड़ी भिन्न-भिन्न  सब,विपरीत देश के छक्के छुड़ाता है।जहां हर

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देवकरण गंडास अरविन्द की कवितायेँ

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर देवकरण गंडास अरविन्द की कवितायेँ दी जा रही हैं श्रमिक का सफर जब ढलता है दिन सब लौटते घरहर चेहरा कहां खुश होता है मगर,उसका रास्ता निहारती कुछ आंखेंपर खाली हो हाथ तो कठिन डगर।ऐसा होता है श्रमिक का सफर….. उसने सारा दिन झेला धूप पसीनाबना लिया है उसने खुद को पत्थरहाथ पांव

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Hindi Poem ( KAVITA BAHAR)

राजकुमार मसखरे की कवितायेँ

समाज और यथार्थ

यहाँ पर राजकुमार मसखरे की कवितायेँ प्रकाशित की गयी हैं आप इन कविता को पढ़कर अपनी राय जरुर दें कि आपको कौन सी कविता अच्छी लगी. इन्हें पहचान ! कितने राजनेताओं के सुपुत्रसरहद में जाने बना जवान !कितने नेता हैं करते किसानीये सुन तुम न होना हैरान !बस फेकने, हाँकने में माहिरजनता को भिड़ाने में

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महदीप जंघेल की कविता

देशभक्ति

महदीप जंघेल की कविता बचपन जीने दो भविष्य की अंधी दौड़ में,खो रहा है प्यारा बचपन।टेंशन इतनी छोटी- सी उम्र में,औसत उम्र हो गया है पचपन। गर्भ से निकला नहीं कि,जिम्मेदारी के बोझ तले दब जाते,आपको ये बनना है,वो बनना है,परिवार के लोग बताते। तीन साल के उम्र में ही,बस्ता का बोझ उठाते है।कंपीटिशन ऐसा

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हाइकु

कवि रमेश कुमार सोनी की कविता

नारी जीवन और संवेदना

कवि रमेश कुमार सोनी की कविता बसंत के हाइकु – रमेश कुमार सोनी 1 माली उठाते/बसंत के नखरे/भौंरें ठुमके। 2 बासंती मेला/फल-फूल,रंगों का/रेलमपेला। 3 फूल ध्वजा ले/मौसम का चितेरा/बसंत आते। 4 बागों के पेड़/रोज नया अंदाज़/बसंत राज। 5 बासंती जूड़ा/रंग-बिरंगे फूल/दिल ले उड़ा । 6 आओ श्रीमंत/दिखाऊँ कौन रँग/कहे बसंत। 7 फूल-भँवरे/मदहोश श्रृंगारे/ऋतुराज में। 8

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